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Ahmedabad : हृदय रोग के लिए भी खतरनाक है ग्लोबल वार्मिंग

आद्र्रताभरी गर्मी के बीच बढ़ता है कोरोनरी सिंड्रोमअहमदाबाद में सवा तीन हजार मरीजों पर किए गए रिसर्च में पुष्टि

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Ahmedabad : हृदय रोग के लिए भी खतरनाक है ग्लोबल वार्मिंग

Ahmedabad : हृदय रोग के लिए भी खतरनाक है ग्लोबल वार्मिंग

अहमदाबाद. आमतौर पर कहा जाता है कि ग्लोबल वार्मिंग से संक्रमण (इंफेक्शन) वाले रोग बढ़ते हैं। अहमदाबाद के चिकित्सकों की ओर से किए गए एक चौंकाने वाले शोध में इस बात का पता चला है कि ग्लोबल वार्मिंग नॉन इंफेक्शन (गैर संक्रमण) जैसे हार्ट अटैक की समस्या के लिए भी काफी हद तक जिम्मेदार है। तापमान में आद्र्रता बढ़ती है तो रक्त में होने वाले डिहाइड्रेशन के कारण इस तरह की समस्या होती है। अहमदाबाद के दो अस्पतालों में तीन वर्ष में 3256 मरीजों पर किए गए रिसर्च में सामने आया है कि ग्लोबल वार्मिंग में बढ़ते हार्ट असे हार्ट अटैक आने की आशंका काफी हद तक बढ़ जाती है। अगस्त और सितम्बर में आद्र्रता के बीच ज्यादा गर्मी होती है उन्हीं महीनों में हार्ट अटैक के ज्यादा केस आए हैं।
अहमदाबाद शहर के हृदय रोग विशेषज्ञ और रिसर्च टीम के सदस्य डॉ. कमल शर्मा ने बताया कि गुजराती एशियायी भारतीयों में कोरोनरी सिंड्रोम की घटना में बदलता मौसम कितना जिम्मेदार है इस परिपेक्ष्य में यह अध्ययन किया गया। इस टीम के अन्य सदस्यों में सदस्य डॉ. दिव्या चंदेल ( गुजरात यूनिवर्सिटी में जुओलॉजी बायोमेडिकल विभाग) व डॉ. अस्वती कोनात (पीएचडी) ने तीन वर्षों के परिश्रम से यह शोध किया। इंडियन हार्ट जर्नल में इसी महीने प्रकाशित हुए शोध के परिणाम कहते हैं कि क्लाइमेट चेंज कई तरह के रोगों को फैलाने में सक्षम है।
क्या कहता है आंकड़ेडॉ. कमल शर्मा ने बताया कि तीन वर्ष में जिन 3256 मरीजों पर यह शोध किया उनमें से हार्ट अटैक वाले 740 मरीज थे। जबकि 2516 अन्य मरीज थे जो तीन वर्षों के दौरान इन दो अस्पतालों में भर्ती किए गए थे। मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए तापमान का महीनों के आधार पर औसत तापमान और औसत आद्र्रता निकाली गई थी। इन तीन वर्षों में अगस्त और सितम्बर में सबसे अधिक आद्र्रता रही और इन्हीं महीनों में सबसे अधिक अटैक वाले मरीज शामिल थे। आद्र्रता के कारण बढ़ती आयु में समस्या पाई गई थी। इन मरीजों में 80 फीसदी पुरुष हैं।


अगस्त में 17 व सितम्बर में 18 फीसदी मरीज
तीन वर्ष में जनवरी से दिसम्बर तक के औसत आंकड़ों से पता चलता है कि जिन महीनों में तापमान के साथ आद्र्रता की मात्रा ज्यादा रही है उनमें ही हार्ट अटैक के ज्यादा मामले रहे हैं। औसत आंकड़ों में सबसे ज्यादा आद्र्रता सितम्बर माह में और इसी महीने में सबसे अधिक 18.1 फीसदी मरीजों की पुष्टि हुई। अगस्त माह में कुल मरीजों में से 16.9 प्रतिशत हैं। जुलाई में 10.2, जून में 9.5, मई में 8.5, अप्रेल और अक्टूबर में 8-8 फीसदी मरीज थे।