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जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेजों में कम फीस के वादे मुकरी सरकार, फीस वृद्धि हो रद्द

कांग्रेस का आरोप है कि निजी मेडिकल कॉलेजों को गुजरात सरकार बढ़ावा दे रही है। फीस वृद्धि रद्द न होने पर राज्यभर में प्रदर्शन करने की भी कांग्रेस ने चेतावनी दी है।

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Shakti Singh Gohil

गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल।

गुजरात मेडिकल एंड एजूकेशन रिसर्च सोसाइटी (जीएमईआरएस) संचालित मेडिकल कॉलेजों की फीस में वर्ष 2024-25 से 67 फीसदी (सरकारी कोटा) से लेकर 88 प्रतिशत (प्रबंधन कोटा) तक की वृद्धि की गई है। इसको लेकर विद्यार्थी और अभिभावक विरोध कर रहे हैं, ऐसे में गुजरात प्रदेश कांग्रेस भी उनके समर्थन में आगे आई है।

गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने सोमवार को गुजरात सरकार पर जीएमईआरएस गठित कर मेडिकल कॉलेज शुरू करने के दौरान किए गए सस्ती मेडिकल शिक्षा देने के वादों से मुकरने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस फीस वृद्धि को अभिभावकों की कमर तोड़ने वाला कदम बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर अभिभावकों के साथ मिलकर एनएसयूआई के साथ राज्यभर में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। सड़क से संसद तक मुद्दा उठाने की बात कही है।

गोहिल ने कहा कि गुजरात सरकार ने कहा था कि सरकार जीएमईआरएस का गठन कर सस्ते में युवाओं को मेडिकल शिक्षा देना चाहती है, लेकिन इसी सरकार ने इस सोसायटी के तहत खोले 13 मेडिकल कॉलेजों में निजी मेडिकल कॉलेजों की तरह ही बेतहासा फीस वृद्धि कर दी है। इससे अभिभावक चितिंत हैं, क्योंकि गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों का मेडिकल पढ़ाई का सपना टूटता नजर आ रहा है। 28 जून को परिपत्र जारी कर सरकार ने सरकारी कोटा में 67 फीसदी और प्रबंधन कोटे में 88 फीसदी की फीस वृद्धि की है।

30 साल में नहीं खुला नया मेडिकल कॉलेज

गोहिल ने कहा कि मौजूदा गुजरात राज्य सरकार ने बीते 30 सालों में एक भी सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं खोला है। कांग्रेस की सरकार के राज्य में वर्ष 1994 में दो सरकारी मेडिकल कॉलेज -एक भावनगर और दूसरा राजकोट शुरू किए गए थे। उसके बाद से राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं खुला है। सिर्फ निजी मेडिकल कॉलेजों को बढ़ावा और मंजूरी दी जा रही है। कांग्रेस की मांग है कि सरकार निजी की जगह सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू करे, जिससे गरीब-मध्यम वर्ग के बच्चे भी चिकित्सक बन सकें। इसको लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा है। इससे पहले भी चार जुलाई को पत्र लिखा था।