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जीएसटी सहेली का वेब पोर्टल लांच

-1000 से ज्यादा युवक-युवतियों को मिलेगा रोजगार -जीएसटी सहायकों को पांच जिलों में प्रशिक्षण भी

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GST-Saheli portal launch by State govt

गांधीनगर. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने ग्रामीण इलाकों में आर्थिक समक्षता के लिए युवक-युवतियों के स्वरोजगार के लिए जीएसटी सहेली, सहायक योजना का शुभारंभ किया।

उन्होंने कहा कि ग्राम विकास आयुक्त कार्यालय की ओर से राज्य के सामान्य व्यापारियों को जीएसटी पद्धति को समझने के लिए नए रूप में अंग्रेजी और गुजराती भाषा में जीएसटी सहेली वेब पोर्टल लांच किया गया है। साथ ही जीएसटी सहायकों का पंजीकरण भी आरंभ किया गया।
इस पोर्टल की मदद से सखी मंडल, दूध मंडली, सेवा सहकारी मंडली, लघु, सूक्ष्म व मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को जीएसटी अमलीकरण में होने वाली मुश्किलों से छुटकारा मिलेगा।
रुपाणी ने जीएसटी की प्राथमिक जानकारी व प्रशिक्षण प्राप्त कर छोटे व्यापारियों/उद्योगपतियों के मदद के लिए जीएसटी सहेली-सहायक की यह पहल युवक-युवतियों को स्वरोजगार के लिए उपयुक्त होगा।
उन्होंने कहा कि पांच करोड़ से कम टर्नओवर वाले एमएसएमई, सखी मंडलों, सहकारी मंडलियों के लिए वार्षिक 1250 रुपए, मध्यम उद्योगों के लिए 1750 रुपए तथा अन्य उद्योगों व सरकारी सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) के लिए 3 हजार रुपए की फीस लेकर जीएसटी की सेवा देंगे।
जीएसटी सहायक तैयार करने के लिए ग्रामीण स्? रोजगार ?? प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) के मार्फत पांच जिलों में प्रशिक्षण आरंभ किया गया है। इनमें अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट व भरूच जिला शामिल हैं।


ग्रामीण युवक-युवती महीने कमा सकेंगे 8 हजार, मुख्यमंत्री ग्रामोदय योजना का शुभारंभ

अहमदाबाद. राज्य में महिला सशक्तीकरण के लिए महिलाओं को स्वयं सहायता समूह में शामिल कर राज्य सरकार व केन्द्र सरकार की योजनाओं के लाभ के लिए मुख्यमंत्री ग्रामोदय योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत राज्य में एक वर्ष में 5 लाख परिवारों/महिलाओं , युवकों को न्यूनतम 8 हजार रुपए प्रति माह कमाने का तय किया गया है।
ग्रामोदय योजना के तहत महिलाओं व युवकों को आर्थिक सशक्तीकरण की ओर ले जाना है। इसके लिए इन्हें मुख्य उद्योग के साथ जानी-मानी वित्तीय संस्थाओं/गैर सरकारी संस्थाओं के साथ जोड़ा जाता है। इस योजना के तहत पांच मॉडल शामिल किए गए हैं। इनमें उत्पादक प्रेरित मॉडल, खरीदार प्रेरित मॉडल, इन्टरमीडिएटरी प्रेरित मॉडल, वित्तीय संस्था प्रेरित मॉडल और समुदाय प्रेरित मॉडल शामिल है। इस योजना के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 60 करोड़ का प्रावधान किया गया है।