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शहरों में शौचालय के लिए उचित सुविधा उपलब्ध होगी

-कचरा विहीन शहरों का होगा निर्माण -राज्य सरकार ने शहरी घन कचरा व्यवस्था व स्वच्छता नीति की घोषणा की

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Guj govt announced urban solid waste mgmt policy

शहरों में शौचालय के लिए उचित सुविधा उपलब्ध होगी

गांधीनगर. राज्य सरकार ने गुरुवार को गुजरात शहरी घन कचरा व्यवस्थापन और स्वच्छता नीति घोषित की है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि राज्य में सभी शहरों और नगरों को स्वच्छ बनाने के लिए इस नीति की घोषणा की गई है। इसके तहत 100 फीसदी सफाई, घर-घर से कचरा एकत्र करने, घन व प्रवाही कचरे (सॉलिड व लिक्विड वेस्ट) का सुव्यस्थित एकत्रीकरण व परिवहन तथा इन कचरों को वैज्ञानिक रूप से निपटारा करना शामिल है।
इस नीति के तहत शहर में रहने वाले लोगों को शौचालय की उचित सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। निजी शौचालय के लिए जमीन के अभाव में सार्वजनिक शौचालय की सुविधा होगी।
शहरी स्थानीय संस्थाओं में उत्पन्न सभी कचरों व गंदे पानी का अन्य उद्देश्य के उपयोग के लिए ट्रीटमेंट किया जाएगा।
आवासीय और वाणिज्यिक कचरे का स्थल पर 100 फीसदी वर्गीकरण व संग्रह की व्यवस्था की मदद से कचरा विहीन (जीरो वेस्ट) शहरों का निर्माण होगा। पुन:चक्रीकरण व पुन:उपयोग पर भार दिया जाएगा।
शहरी स्थानीय निकायों में प्राकृतिक गटर व बरसाती पानी की गटर को पुनजीर्वित किया जाएगा। गंदे पानी का निकास बरसाती पानी के गटर में नहीं होने का ध्यान रखा जाएगा।
शहरी स्वच्छता में सुधार के लिए केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से फंड आवंटित किया जाएगा। फंड को राज्य स्वच्छता फंड के रुप में एकत्र किया जाएगा।
इस नीति के तहत घन व प्रवाही कचरे (सॉलिड व लिक्विड वेस्ट) को कचरे के रूप में नहीं बल्कि संसाधन मानकर इसका उपयोग कर ऊर्जा के वैकल्पिक स्त्रोत प्राप्त करने तथा ड्रेनेज वाटर रिसाइकिल व पुन:उपयोग करने की बात कही गई है।

प्रशासन सक्रिय व संवेदशनील बने: रुपाणी

गांधीनगर. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने प्रशासनिक तंत्र से राज्य में लोगों को न्याय मिलने के लिए सक्रिय और संवेदनशील बनने की सलाह दी। गुरुवार को स्वागत जन शिकायत निवारण कार्यक्रम में प्रशासन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपर्क साधकर प्रश्नों का स्थल पर ही समाधान की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास समस्या का तुरंत और संतोषजनक हल किया जाए जिससे आवेदकों को सरकारी कार्यालयों में धक्का नहीं खाना पड़े। वर्ष २००३ में तत्कालीन मुख्यमंत्री व वर्तमान प्रधानमंत्री ने प्रत्येक महीने के चौथे गुरुवार को राज्यस्तरीय स्वागत ऑनलाइन जन शिकायत निवारण कार्यक्रम की शुरुआत की थी।