17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Gujarat: उड़नखटोला से मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे 47 लाख श्रद्धालु

-पावागढ़ मंदिर में सर्वाधिक 24.47 लाख ने किया रोप-वे का उपयोग, अम्बाजी में 15.59 लाख, गिरनार में 7.57 लाख श्रद्धालु बैठे

2 min read
Google source verification
Girnar Rope Way

गुजरात में ऊंचे पर्वतों पर बैठीं मां काली, मां अंबे के मंदिर में दर्शन के लिए एक साल में 47 लाख से ज्यादा श्रद्धालु उड़नखटोला (रोप-वे) में बैठकर पहुंचे हैं। सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं ने पावागढ़ मंदिर में दर्शन के लिए उड़नखटोले का उपयोग किया। उसके बाद अंबाजी और फिर गिरनार में रोप-वे से श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे। ऊंचे पर्वतों पर स्थित माता के मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को हजारों सीढि़यां चढ़नी पड़ती हैं। इससे होने वाली परेशानी को देखते हुए उड़नखटोला की सुविधा भी शुरू हुई है। ऐसे में श्रद्धालु अब इसे ही प्राथमिकता देने लगे हैं।

गुजरात सरकार ने बताया कि राज्य में पर्वतों पर स्थित प्रमुख तीर्थ स्थलों में पंचमहाल जिले में स्थित पावागढ़ मंदिर, बनासकांठा जिले की दांता तहसील में स्थित अंबाजी गब्बर मंदिर और जूनागढ़ जिले में स्थित गिरनार पर्वत अंबाजी मंदिर के लिए उड़नखटोला (रोप-वे) से आने-जाने की सुविधा है।

आधे से ज्यादा श्रद्धालु पावागढ़ रोप-वे में बैठे

गुजरात सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के तहत वर्ष 2024 में एक जनवरी से लेकर 31 दिसंबर तक 47.64 लाख श्रद्धालुओं ने इन तीर्थ स्थलों पर उड़नखटोला का उपयोग किया। जनवरी से दिसंबर 2024 के दौरान सबसे ज्यादा 24.47 लाख श्रद्धालु पावागढ़ में उड़नखटोला में बैठकर मां काली के दर्शन करने पहुंचे। यह दर्शाता है कि कुल श्रद्धालुओं में 51.36 फीसदी ने पावागढ़ में ही रोप-वे की सेवा ली। बनासकांठा स्थित शक्तिपीठ अंबाजी में गब्बर मंदिर पर 15.59 लाख श्रद्धालुओं ने जबकि गिरनार में 7.57 लाख श्रद्धालुओं ने रोप-वे (उड़नखटोले) की सुविधा का उपयोग करते हुए मां अंबे और गुरु दत्तात्रेय भगवान के दर्शन किए।

गिरनार में विश्व का सबसे लंबा रोप-वे

जूनागढ़ जिले में स्थित गिरनार तीर्थ स्थल में विश्व का सबसे लंबा रोप-वे है। इसकी लंबाई 2.3 किलोमीटर है। गिरनार में जमीन से 3660 फीट की ऊंचाई पर स्थित मां अंबे के मंदिर तक रोप-वे की सुविधा है। 31 केबिन हैं। प्रति घंटे 1000 श्रद्धालु परिवहन करते हैं। नौ मिनट में उड़नखटोला नीचे से अंबाजी मंदिर तक पहुंचाता है।

गिरनार में चार साल में 30 लाख श्रद्धालु रोप-वे से पहुंचे

गिरनार रोप-वे में चार साल में 30 लाख श्रद्धालु रोप-वे से मां अंबे के दर्शन करने पहुंचे हैं। जनवरी-दिसंबर 2024 में 7.57 लाख पहुंचे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अक्टूबर 2020 में इसका लोकार्पण किया था।