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गुजरात और बिहार का संबंध काफी पुराना : मोदी

-मोहनदास करमचंद गांधी को महात्मा गांधी बनाने वाला बिहार था

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Bihar deputy CM Sushil Modi, Chhatth Pooja, ahmedabad

गुजरात और बिहार का संबंध काफी पुराना : मोदी

अहमदाबाद. बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि गुजरात और बिहार का संबंध काफी पुराना रहा है। अहमदाबाद में मंगलवार को छठ पूजा के घाट के लोकार्पण अवसर पर उन्होंने बिहार व गुजरात के बीच संबंधों की व्याख्या करते हुए कहा कि गुजरात के पवित्र सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन बिहार के निवासी व देश के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने किया था।
मोहनदास गांधी भले ही गुजरात में पैदा हुए, लेकिन दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद जब वे बिहार आए तो जब चंपारण में किसानों के साथ मिलकर सत्याग्रह किया। मोहनदास करमचंद गांधी को महात्मा गांधी बनाने वाला बिहार था।
उन्होंने कहा कि 1974 का आंदोलन जिसने पूरे देश में परिवर्तन कर दिया था। उस आंदोलन की शुरुआत गुजरात के नवनिर्माण आंदोलन से हुई थी। तब एक नारा लगा था कि गुजरात की जीत हमारी है और अब बिहार की बारी है। नवनिर्माण का आंदोलन जब बिहार में पहुंचा तब इसने पूरे देश में बदलाव लाने का काम किया।
मोदी ने कहा कि परिवर्तन का काम बिहार ने किया है। पिछले लोकसभा चुनाव में जब भाजपा की ओर से नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री पद के दावेदार थे, तब बिहार के लोगों ने 40 में से 31 सीटें जीताकर देश का प्रधानमंत्री बनाने में योगदान दिया।
मोदीे ने कहा कि 11 करोड़ की लागत से छठ पूजा के घाट के निर्माण के लिए बिहार सरकार की ओर से गुजरात सरकार के पर्यटन विभाग और नगर निगम को धन्यवाद देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि शानदार घाट का निर्माण कर गुजरात में बिहार मूल के लाखों लोगों की भावनाओं को सम्मान किया गया है।
मोदी ने कहा कि उन्हें यहां के नर्मदा का कैनाल देखकर प्रेरणा मिली है। पटना शहर से गंगा नदंी लगभग दो किलोमीटर दूर जा चुकी है। जिस तरह से कैनाल बनाकर यहां पर पानी छोडऩे का काम किया गया है, पटना में भी इसी प्रकार की व्यवस्था की जाएगी, जिससे छठ की पूजा के लिए लोगों को शहर से दूर नहीं जाना पड़े।


मोदी ने कहा कि छठ पर्व के दौरान बिहार की सडक़ों पर इतनी स्वच्छता रहती है कि एक तिनका भी सडक़ पर दिखाई नहीं देता। अगर एक दिन इस तरह से स्वच्छ रखा जा सकता है तो अपने शहरों को 365 दिन क्यों स्वच्छ नहीं रख सकते।
उन्होंने कहा कि छठ मैया का संदेश है कि स्वच्छता छठ के दिन ही नहीं बल्कि 365 दिन स्वच्छता रखी जाए। इस पर्व की एक और खासियत है कि इसमें जिसमें किसी ब्राह्मण की जरूरत नहीं होती।