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VIDEO: विधानसभा परिसर में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, पेपरलीक, महंगाई के मुद्दे पर घेरा

Gujarat assembly, congress, demonstration, paper leak case: गुजरात विधानसभा का बजट सत्र आरंभ

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गांधीनगर. कांग्रेस के विधायकों ने गुजरात विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन गुरुवार को विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। विधायकों ने पेपर लीक, महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सदन प्रारंभ होने से पहले .ये विधायक हाथों में पोस्टर लिए नजर आए, जिनमें ‘पेपर लीक रोकने के कानून का ब्रह्मज्ञान 27 वर्षों के बाद आया सहित कई नारे लिखे देखे गए।

इस प्रदर्शन में विधायक अमित चावड़ा, शैलेष परमार, इमरान खेड़ावाला, जिग्नेश मेवाणी, गेनीबेन ठाकोर और सी.जे. चावड़ा समेत कई नेता शामिल थे। इस मौके पर चावड़ा ने कहा कि पिछले दो दशकों से भी ज्यादा समय से सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार के शासन में एक-दो नहीं बल्कि 13 पेपर लीक हुए हैं। गुजरात के लाखों युवा जो सरकारी नौकरी की आस लगाए हैं और रुपए खर्च करते हैं, लेकिन ऐसे में पेपरलीक होने से उनकी आशाओं पर पानी फिर गया है। नौकरी चाहने वाले युवा और उनके परिवारों में निराशा है।उन्होंने कहा कि पेपरलीक के खिलाफ जहां युवाओं और कांग्रेस के लगातार विरोध के चलते आखिरकार राज्य सरकार विधेयक तो ला रही हैं, लेकिन यह विधेयक सिर्फ कागजी बनकर न रह जाए। विधेयक में कड़े प्रावधान जरूरी हैं।

कांग्रेस को प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता नहीं

जहां एक ओर कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ विधायक व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा को विधायक दल का नेता चुना है, लेकिन गुजरात विधानसभा में कांग्रेस को प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता नहीं दी है। इस संबंध में विधानसभा सचिव डी.एम. पटेल ने अमित चावड़ा को लिखित जवाब में कहा है कि गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष ने गत 17 जनवरी और उसी संबंध में चावड़ा ने भी गत 1 और 20 फरवरी को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता देने की मांग की। इस मुद्दे पर सचिव ने कहा कि विधानसभा के नियम 56 के तहत विधानसभा अध्यक्ष ने समय-समय आदेश जारी किए हैं। प्रावधान के मुताबिक जिस राजनीतिक दल को चुनाव आयोग ने अखिल भारतीय पार्टी के तौर पर या राज्य पार्टी के तौर पर मान्यता दी हो। साथ ही विधानसभा में उस पार्टी की सदस्य विधानसभा की सदस्य संख्या के 10 फीसदी से कम न हो तो अध्यक्ष उस पार्टी को विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर मान्यता दे सकते है। 15वीं विधानसभा में कांग्रेस पार्टी की सदस्य संख्या 17 है जो 18 से एक कम है। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर उनकी पार्टी को मान्यता नहीं मिल सकती है। ऐसे में चावड़ा को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता नहीं मिल सकती।