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जीएसटी के बाद स्टाम्प ड्यूटी वसूली में गुजरात अव्वल

स्टाम्प ड्यूटी का कानूनी विवाद अटकेगा गुजरात स्टाम्प संशोधन विधेयक पारित

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Gujarat assembly passes 2 bills related to stamp duty

गांधीनगर. राज्य विधानसभा में मंगलवार को गुजरात स्टाम्प संशोधन विधेयक पारित किया गया। संपत्ति की मालिकी का अधिकार के तब्दीली के लेन-देन में सुरक्षा के लिए दस्तावेजों को लेकर स्टाम्प ड्यूटी पात्र है, ऐसे में केन्द्र सरकार की ओर से कंपनी अधिनियम में संशोधन किया गया है। नए कंपनी अधिनियम के अनुरूप राजस्व मंत्री कौशिक पटेल ने राज्य विधानसभा में गुजरात स्टाम्प अधिनियम का संशोधन विधेयक पारित किया जिसे सर्वसम्मति से मंजूर किया गया।

यह विधेयक पेश करते हुए उन्होंने बताया कि देश में जीएसटी के अमल के बाद स्टाम्प ड्यूटी की आवक में गुजरात देश में अव्वल है। वर्ष 2016-17 में स्टाम्प ड्यूटी के लिए 5700 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले राज्य ने 5767 करोड़ यानी सौ फीसदी से ज्यादा लक्ष्य प्राप्त किया। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष 2017-18 में 7100 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 6912 करोड़ की आय हो चुकी है। पूरे देश के मुकाबले गुजरात में स्टाम्प ड्यूटी की दर सबसे कम है। यह दर सरचार्ज सहित 4.90 फीसदी है। राज्य में वर्ष 2003 से पहले स्टाम्प ड्यूटी की दर 14.80 फीसदी था जिसमें लगातार कमी की गई।


पंजीकरण गुजरात संशोधन विधेयक पारित
गांधीनगर. पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर फर्जी व गलत दस्तावेजों के पंजीकरण पर अब लगाम लगेगा। राज्य विधानसभा ने मंगलवार को राजस्व मंत्री कौशिक पटेल की ओर से पेश पंजीकरण गुजरात संशोधन विधेयक अधिनियम पारित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए विशेष गरवी सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इसके तहत दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए इलेक्ट्रॉनिक फॉरमेट किया गया है। दस्तावेजों के पंजीकरण करने वाले व करानेवाले का फोटो, अंगूठा का निशान व वीडियो रिकॉर्डिंग बरकरार रखी जाती है। इससे संपत्ति के संबंध में लेन-देन सुरक्षित रहेगा।
राज्य सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाले दस्तावेजों की पंजीकरण फीस से मुक्ति दी है। इस कारण दस्तावेजों व संपत्ति के लेन-देन में महिलाओं को स्थान मिला है। इसके तहत 20 लाख से ज्यादा के दस्तावेज पंजीकरण में 1183 करोड़ से ज्यादा की पंजीकरण फीस माफ कर दी गई है।