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VIDEO : गुजरात में जन्म से मूक-बधिर 2750 बच्चों को मिली आवाज

Gujarat, birth, children, civil hospital, implant center: गांधीनगर सिविल अस्पताल के कॉकलीयर इम्प्लांट सेंटर ने की 1600 सर्जरी

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गांधीनगर. गुजरात में अब तक जन्म से मूकबधिर लगभग 2750 बच्चों को आवाज मिली है। इन बच्चों का निशुल्क कॉकलीयर इम्प्लांट के माध्यम से ऑपरेशन किए गए जिसके बाद ये बच्चे न सिर्फ सुनने लगे बल्कि बोलने में भी निपुण हो गए हैं। विश्व श्रवण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को गांधीनगर स्थित सिविल अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में अस्पताल की ईएनटी सर्जन डॉ. नीरज सुरी ने यह जानकारी दी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने द हियरिंग टेल्स नामक पुस्तक का विमोचन कर कॉकलीयर इम्प्लांट से श्रवण शक्ति प्राप्त करने वाले लगभग 10 बच्चों के साथ संवाद किया।

गांधीनगर सिविल अस्पताल के कॉकलीयर इम्प्लांट सेंटर की डॉ. नीरज सुरी लिखित इस पुस्तक में नि:शुल्क उपचार लेने वाले बच्चों की अनुभूति की कहानी हैं। कॉकलीयर इम्प्लांट के बाद इन बच्चों के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों का जीवन की खुशियों को भी यह पुस्तक बयां करती है। कॉकलीयर इम्प्लांट के माध्यम से श्रवण शक्ति मिलने वाले बच्चों के परिवार के साथ भी बातचीत की।बालकों में जन्मजात मूक-बधिरता को दूर कर उनकें उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार ने आठ वर्ष पहले ही निशुल्क कॉकलीयर इम्प्लांट शुरू कर दिया था। छह साल से कम उम्र के बच्चों के लिए गांधीनगर सिविल अस्पताल में कॉकलीयर इम्प्लांट सेंटर शुरू किया तथा पूरे राज्य में यह प्रोग्राम चल रहा है।

कॉकलीयर इम्प्लांट के बाद बच्चों को स्पीच थेरपी की जरूरत होती है, जिसके लिए 100 सत्रों की जरूरत होती है। इस सर्जरी के लिए सरकार प्रत्येक बच्चे को पांच लाख से अधिक का उपचार मुहैया कराती है।राज्य में अब तक 2750 जरूरतमंद बच्चों काकॉकलीयर इम्प्लांट निशुल्क किया जा चुका है। गांधीनगर के सिविल अस्पताल में इस तरह के 1600 से अधिक ऑपरेशन किए जा चुके हैं।

जन्म के बाद श्रवण शक्ति जांच की सुविधाराज्य के स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक जिले में न्यू बोर्न हियरिंग स्क्रीनिंग मशीन शुरू की है। इसके परिणामस्वरूप छोटे तथा नवजात शिशुओं की सुनने की शक्ति की जांच की जा सकती है। यदि बच्चा बधिर होता है तो समय रहते उसका उपचार हो सकता है। कॉकलीयर इम्प्लांट के परिणाम छह वर्ष से कम आयु के अच्छे आते हैं।