
Gujarat: त्योहारों के मौसम में होश न खोएं
गुजरात में त्योहारी सीजन की शुरुआत 7 अक्टूबर से नवरात्रि के रूप में हो रही है। नवरात्रि के दौरान गुजरात में गरबे की धूम रहती है। लेकिन कोरोना के चलते पिछल वर्ष इसकी मंजूरी नहीं दी गई हालांकि कोरोना संक्रमण के मामले कम होने पर इस बार राज्य सरकार ने सार्वजनिक गरबे की बजाय शेरी गरबे को मंजूरी दी है। इसका मतलब मोहल्लो, फ्लैट सोसाइटी में लोग गरबे का आयोजन कर सकेंगे। इसमें अधिकतम चार सौ लोगों की मंजूरी दी गई है।
लेकिन फिर भी आम लोगों को इस दौरान काफी सचेत रहने की जरूरत है। पहले गृह मंत्रालय और बाद में एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने चार से छह सप्ताह तक सतर्कता बरतने की अपील की है।
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को यह निर्देश दिया है कि त्योहारी सीजन के दौरान कोविड दिशानिर्देशों की कड़ी पालना कराई जाए। इसके तहत समूह में एकत्र होने की स्थिति पर ध्यान रखने को कहा गया है।
गरबा और दांडिया समूह में आयोजित होता है। इस दौरान लोग समूहों में नजर आएंगे जिससे कोरोना के फैलने की आशंका है। इसलिए इस दौरान काफी ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है।
त्योहार के दौरान कोविड व्यवहार का पालन नहीं करना कोरोना की तीसरी लहर का कारण भी बन सकती है।
हमें पता होना चाहिए कि कोरोना को घनत्व पसंद है। हालांकि गुजरात में वैक्सीनेशन की गति अच्छी है। यहां पर 39 फीसदी को दोनों डोज दी जा चुकी है वहीं करीब 86 फीसदी ने वैक्सीन की एक डोज जरूर ले ली है। हालांकि तीसरे लहर का असर बच्चों पर ज्यादा पडऩे की आशंका जताई जा रही है। इसका एक कारण यह है कि बच्चों को अभी वैक्सीन की डोज नहीं लगाई गई है। हालांकि इसके लिए तैयारियां की जा रही है। फिर भी हमें खुद के हिसाब से तो चौकन्ना रहना ही होगा।
जिम्मेदारी हम पर हैं कि हम गरबे का आयोजन किस तरह से करते हैं। इस आयोजन के दौरान पुलिस को भी पुलिस के साथ-साथ आम लोगों को भी सतर्कता बरतनी होगी। गत 2 अक्टूबर को अक्टूबर को राज्य में 2 महीने बाद कोरोना के सर्वाधिक मामले सामने आए। लगातार दो दिनों में मामलों की संख्या 20 से ज्यादा देखी गई। इसलिए हमें कोरोना को लेकर पूरी तरह ध्यान रखना होगा।
नवरात्रि शुरू होने से पहले गुजरात के अहमदाबाद सूरत वडोदरा और राजकोट सहित कई शहरों में खरीदारी को लेकर तो तस्वीरें सामने आई हैं वह चिंता करने वाली हैं। पुलिस और प्रशासन प्रशासन को भी इस दौरान चौकन्ना रहने की जरूरत है। अभी कुछ दिनों पहले सूरत के एक ही अपार्टमेंट में कई लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए। इसलिए हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते हो इसलिए कोविड व्यवहार-जैसे मास्क पहनना सैनेटाइजर का इस्तेमाल करना और सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखना ही कोरोना को मात देने का बेहतर उपाय है। इसलिए नवरात्र के दौरान हमें सतर्कता बरतने की निहायत ही जरूरत है।
(उ.प.)
Published on:
04 Oct 2021 09:36 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
