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Gujarat: अनुदानित स्कूलों के शिक्षा-प्रशासनिक सहायकों के 5 साल होंगे नौकरी का हिस्सा

Gujarat Government accepted granted school shikshan sahayak demand गुजरात सरकार का अहम निर्णय, 1999 से अब तक भर्ती 39 हजार कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, एक-एक वर्ग वाली माध्यमिक स्कूलों में एक अतिरिक्त शिक्षक, प्रधानाचार्य को मिलेगा एलटीसी का लाभ

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Gujarat: अनुदानित स्कूलों के शिक्षा-प्रशासनिक सहायकों के 5 साल होंगे नौकरी का हिस्सा

Gujarat: अनुदानित स्कूलों के शिक्षा-प्रशासनिक सहायकों के 5 साल होंगे नौकरी का हिस्सा

अहमदाबाद. Gujarat Government ने सरकारी स्कूलों के बाद अब अनुदानित माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में फिक्स वेतन पर भर्ती होने वाले शिक्षा सहायक, प्रशासनिक सहायक, साथी सहायकों के फिक्स 5 साल की सेवा को नौकरी का ही हिस्सा मानने का निर्णय किया है। यानि ये कर्मचारी जिस दिन से भर्ती हुए हैं उसी दिन से उनकी नौकरी को माना जाएगा। इसकी घोषणा मंगलवार को गुजरात के शिक्षामंत्री व सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी ने की। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय का लाभ दो जुलाई 1999 से अब तक राज्य में अनुदानित स्कूलों में भर्ती हुए करीब 39 हजार शिक्षा सहायक, प्रशासनिक सहायक, साथी सहायक व अन्य कर्मचारियों को होगा। इसको लेकर राज्य के प्राचार्य संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उच्चतर माध्यमिक शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ, उच्चतर माध्यमिक शैक्षिक संघ, व स्कूल संचालक मंडल की ओर से सरकार से की गई थी। अन्य मांगों के संदर्भ में भी मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने सकारात्मक रुख रहते हुए निर्णय किया है।
वाघाणी ने कहा कि परिणाम आधारित ग्रांट की नीति के तहत बोर्ड के परिणाम से 10 फीसदी कम परिणाम जिन अनुदानित स्कूलों का आता था उनसे नियमानुसार प्रति विद्यार्थी 100 रुपए का दंड वसूला जाता था। अनुदानित स्कूलों ने इसमें संशोधन की मांग की थी। जिसे स्वीकार करते हुए सरकार ने अब स्कूलों से प्रति विद्यार्थी सौ रुपए दंड की जगह फिक्स 300 रुपए ही दंड लेने का निर्णय किया है।
एक-एक वर्ग के माध्यमिक अनुदानित स्कूलों में अभी दो वर्ग पर दो शिक्षक-एक प्रधानाचार्य सहित कुल तीन का स्टाफ मंजूर है। इसके कारण कोई एक विषय के शिक्षक की कमी खलती थी। जिसका असर विद्यार्थियों की शिक्षा और परिणाम पर होता था। जिससे ऐसी स्कूलों को एक अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति की मंजूरी दी जाएगी। जिससे प्रधानाचार्य सहित कुल चार का स्टाफ रहेगा। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सकेगी।
अनुदानित स्कूलों के प्रधानाचार्य को एलटीसी का लाभ देने और पांच जनवरी 1965 का एक क्रमोन्नति देने का निर्णय किया है। गुजरात सरकार जल्द ही प्रधानाचार्यों की भर्ती करने के लिए एचटैट की घोषणा करेगी। अनुदानित स्कूलों के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के बाकी हफ्तों का भुगतान भी जल्द किया जाएगा।

विभागीय परीक्षा बिना पदोन्नति को मंजूरी
वाघाणी ने बताया कि अनुदानित माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के नॉन टीचिंग (शैक्षणेत्तर-प्रशासनिक) कर्मचारियों को पदोन्नति देने, उनकी भर्ती करने के लिए जरूरी विभागीय परीक्षा आयोजित नहीं होने की स्थिति में भी उन्हें उसके बिना पदोन्नति देने और भर्ती करने की मंजूरी दी जाएगी। हालांकि यह मंजूरी परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त के तहत दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार सरकार ने करीब सात साल से इस संबंध में विभागीय परीक्षा का आयोजन ही नहीं किया है।

स्कूल अवधि से अतिरिक्त दो घंटे देनी होगी सेवा
वाघाणी ने बताया कि अनुदानित स्कूलो के शिक्षकों को उनकी नियमित नौकरी के साथ स्कूल छूटने के बाद या छुट्टी के दिनों में दो घंटे की अतिरिक्त सेवा देनी होगी। यह निर्णय स्कूली विद्यार्थियों के परिणाम को सुधारने के लिए लिया गया है।