
Gujarat: जामनगर की भगरी नस्ल की बकरी की बनेगी अलग पहचान
Gujarat: Jamnagar Bhagri goat breed will get new recognition
जामनगर जिले के जामजोधपुर की भगरी नस्ल की बकरी की अलग पहचान बनेगी। इसके लिए जामजोधपुर तहसील के भोजाबेड़ी गांव की महिला किसान लखीबेन भरवाड ने इस नई नस्ल के पंजीकरण को लेकर राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है। इसके लिए आवेदन भी किया गया है। यदि इस नस्ल का पंजीकरण हो जाता है तो गुजरात में पशुओं की नस्लों की संख्या 28 हो जाएगी।
राज्य में मवेशियों की अधिक से अधिक नई नस्लें सामने आ रही हैं। जामनगर जिले में पाई जाने वाली भगरी बकरी की नस्ल राज्य में बकरियों की एक नई नस्ल है। सहजीवन संस्था ने इस बकरी का लक्षण वर्णन पूरा होने के बाद इस बकरी को नई नस्ल के रूप में मान्यता देने के लिए पंजीकरण कराने राज्य सरकार के पशुपालन विभाग को सौंप दिया गया है। भरवाड समुदाय की महिलाएं भगरी बकरी की मान्यता के लिए आगे आई हैं। इस आवेदन को लखीबेन खोदाभाई भरवाड ने अपने नाम से तैयार किया है।यह गुजरात और शायद पूरे देश में पहला उदाहरण है जहां से एक महिला को मालधारी समुदाय को एक पशु नस्ल की मान्यता के लिए एक आवेदक के रूप में प्रस्तावित किया गया है। यह प्रस्ताव पशुपालन विभाग की ओर से राष्ट्रीय पशु आनुवंशिकी संसाधन ब्यूरो को भेजा जाएगा।
27 पशु नस्लों को मान्यता मिली
पिछले दशक में गुजरात में दस नई मवेशी नस्लों की खोज की गई है। इनमें से नौ मवेशी नस्लों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से नई मवेशी नस्ल के रूप में मान्यता दी गई है। राज्य में 27 पशु नस्लों को मान्यता प्राप्त है। भगरी बकरी को मान्यता मिलने के साथ गुजरात में मान्यता प्राप्त पशु नस्लों की संख्या 28 तक पहुंच जाएगी। उल्लेखनीय है कि सहजीवन संस्थान की ओर से चरवाहों के साथ मिलकर भगरी बकरी पर पिछले दो वर्षों से शोध चल रहा था, जिसमें नस्ल प्रोफ़ाइल तैयार करने के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी एकत्र की गई थी।
जामनगर जिले में पाई जाती है यह नस्लभगरी बकरियों को जामनगर जिले के जामजोधपुर, कालावाड और लालपुर तहसील में रहने वाले भरवाड समुदाय पालते हैं। इन तीन तहसीलों में भगरी बकरियों की संख्या लगभग 17,200 है।
Published on:
26 Aug 2023 10:22 pm
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