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Gujarat: 4 साल में 32 हजार से ज्यादा लोगों ने की आत्महत्या

Gujarat: More than 32 thousand people committed suicide in 4 years -बीते तीन 3 सालों से लगातार बढ़ रही है संख्या, आरटीआई में मिली जानकारी से खुलासा

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Gujarat: 4 साल में 32 हजार से ज्यादा लोगों ने की आत्महत्या

Gujarat: 4 साल में 32 हजार से ज्यादा लोगों ने की आत्महत्या

Ahmedabad. गुजरात में बीते 4 सालों में 32 हजार से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या कर ली है। इसमें से बीते तीन सालों की बात करें तो यह आंकड़ा साल-दर-साल बढ़ रहा है, जो चिंताजनक है। सूचना अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में यह आंकड़े सामने आए हैं। डायमंड वर्कर यूनियन गुजरात के अध्यक्ष रणमलभाई जिलरिया ने आरटीआई एक्ट 2005 के तहत गुजरात पुलिस से जानकारी मांगी थी कि 2018 से लेकर 2021 के दौरान कितने डायमंड वर्कर ने आत्महत्या की है।
जिलरिया ने बताया कि इस संबंध में उन्हें गुजरात पुलिस के एससीआरबी की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी में सामने आया कि 4 साल में 32 हजार से ज्यादा लोगों ने गुजरात में आत्महत्या की है। हालांकि इसमें डायमंड वर्कर कितने हैं इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसके लिए थानों से जानकारी लेने को कहा है। पूरे राज्य की जानकारी दी है।

नोटबंदी, जीएसटी व कोरोना है वजह
जिलरिया ने बताया कि वे व्यक्तिगत रूप से मानते हैं कि जो आंकड़े दिए हैं वे भी कम चौंकाने वाले नहीं हैं। इसके प्रमुख कारणों में नोटबंदी, जीएसटी और कोरोना महामारी, लॉकडाउन हैं। इनके चलते लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। कई लोगों की नौकरी चली गई। कमाई घट गई। आंकड़े भी यही गवाही दे रहे हैं। हर साल आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं। नोटबंदी, जीएसटी की काफी मार पड़ी है। कोरोना महामारी के चलते लागू हुए लॉकडाउन और उसके बाद से अब तक डायमंड इंडस्ट्री की कई इकाईयां बंद हुई हैं। कईयों में 10 से 25 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है। प्रोडक्शन कम किया जा रहा है।

प्रगतिशील गुजरात में ये संख्या चिंताजनक
गुजरात जैसे प्रगतिशील राज्य में 4 साल में 32 हजार से ज्यादा लोगों की आत्महत्या के आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। हर दिन के हिसाब से औसतन 22 लोग खुद मौत को गले लगा रहे हैं। इनके कारणों में पारिवारिक, सामाजिक कारण भी हो सकते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि आर्थिक संकट बड़ा कारण होगा। क्योंकि बीते कुछ सालों से महंगाई, बेरोजगारी बढ़ी है। सामूहिक आत्महत्या के मामले भी सामने आ रहे हैं। सरकार को उचित कदम उठाने की जरूरत है, जिससे लोगों को ऐसे कदम न उठाने पड़ें।
-डॉ.मनीष दोशी, मुख्य प्रवक्ता, गुजरात प्रदेश कांग्रेस

बीते 4 साल में इतनों ने की आत्महत्या
वर्ष- आत्महत्या के मामले
2018-7793
2019-7655
2020-8050
2021-8789
(स्त्रोत: आरडी जिलरिया को आरटीआई तहत दी जानकारी।)