
गुजरात: वेरावल बंदरगाह के समीप 350 करोड़ की हेरोइन जब्त, 3 आरोपी गिरफ्तार, ओमान से जुड़े तार
गुजरात पुलिस ने शुक्रवार को गिर सोमनाथ जिले के वेरावल बंदरगाह के समीप नलिया गोली से 50 किलोग्राम हेरोइन ड्रग्स जब्त की। इसकी तस्करी के आरोप में तीन को पकड़ा जबकि छह आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इस ड्रग्स तस्करी के तार सीमा पार ओमान से जुड़े हैं। आरोपी व्हॉट्सएप के जरिए संपर्क में थे।
गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर यह जानकारी दी कि गुजरात पुलिस ने वेरावल बंदरगाह के पास से 350 करोड़ की ड्रग्स जब्त की। इस ऑपरेशन को एसओजी और एनडीपीएस की टीम ने संयुक्त रूप से सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस तरह गुजरात पुलिस को ड्रग्स के खिलाफ अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है।
गिर सोमनाथ जिले के पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह जाडेजा ने संवाददाताओं को बताया कि जिले के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), स्थानीय अपराध शाखा की टीम गश्त पर थीं तभी संयुक्त सूचना मिली कि वेरावल बंदरगाह के नलिया गोदी के पास कुछ लोगों के पास बहुत सारा ड्रग्स है।
सूचना के आधार पर इस स्थल पर दबिश देकर तीन लोगों को पकड़ा गया। इनमें जामनगर के बेडेश्वर हाउसिंग बोर्ड निवासी आसिफ उर्फ कारा शमां (24), जामनगर गोसिया मस्जिद के पास गुलाबनगर निवासी अरबाज पमा (23) और उत्तरप्रदेश के कानपुर जिले के महमदपुर नरवाल निवासी धर्मेन्द्र कश्यप (30) शामिल हैं। इन आरोपियों के पास से 50 किलोग्राम हेरोइन, मॉर्फिन, कोकेन ड्रग्स बरामद हुई। इसकी कीमत 350 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है। इसके साथ ही 10 लाख कीमत की एक फिशिंग बोट, 50 हजार की एक कार, तीन मोबाइल फोन, थुराया सेटेलाइट फोन, एक अन्य सादा मोबाइल फोन बरामद किया गया।
इस मामले में छह अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया है। इनमें उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के नवाबगंज निवासी अनुज कुमार कश्यप, अमन कुमार कश्यप (23), रज्जन कुमार मीसार (19), रोहित निसार (20), कानपुर जिले की सिकंदरा तहसील के रोहिनी गांव निवासी विष्णु निसार (25), उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के रामपुर गांव निवासी राहुल कश्यप शामिल हैं। ये सभी ओमान के समंदर से नाव में ड्रग्स लेकर गुजरात के वेरावल बंदरगाह के पास आए थे।
वेरावल से राजकोट पार्सल लाने के 50 हजार का ऑफर
एसपी जाडेजा ने संवाददाताओं को बताया कि पकड़े गए आरोपियों में आसिफ जामनगर से राजकोट के बीच टैक्सी चलाता था। दो साल पहले इसकी पहचान एक व्यक्ति से हुई थी। उसने एक पार्सल मियाणा में डिलीवर करने को दिया था जिसके लिए 20 हजार दिए थे। 22 फरवरी को उस व्यक्ति ने व्हॉट्सएप से फोन कर वेरावल से एक पार्सल को राजकोट लाने को कहा था। इसके लिए 50 हजार देने की बात कही थी। इसके बाद आसिफ उसके मित्र अरबाज के साथ कार लेकर बताए हुए लोकेशन पर पहुंचा। कार पार्क कर थोड़ी दूर गए। इस दौरान धर्मेन्द्र ने उसकी कार में एक पार्सल रख दिया। व्हॉट्सएप कॉल से आसिफ को पार्सल रखने की जानकारी दी। ये दोनों पार्सल लेकर वेरावल गोदी से बाहर निकल रहे थे। उसी समय पुलिस की टीमों ने इन्हें पकड़ लिया। इनकी कार से पार्सल में करीब 26 किलो ड्रग्स मिली।
बोट से बरामद हुई और ड्रग्स, ओमान से लाए थे पार्सल
पुलिस ने आसिफ से पूछताछ की तो पता चला कि बंदरगाह पर समंदर में मौजूद बोट में ड्रग्स हो सकती है। इसके चलते बोट में दबिश देकर तलाशी ली तो बोट से भी ड्रग्स का एक पार्सल मिला। आरोपियों की कार और बोट से मिले दो पार्सलों में 50 किलो ड्रग्स के पैकेट थे। जांच में पता चला कि धर्मेन्द्र 26 जनवरी को अन्य साथी खलासियों के साथ मिलकर ओमान के समंदर जाकर 1500-1700 किलो मछली मुफ्त में लेकर आया था। इसमें दो बड़े पार्सल थे, जिसमें ड्रग्स थी। इसके लिए उसे 50 हजार देने की लालच दी गई थी। दो में से एक पार्सल 22 फरवरी को बताई गई कार में रखा था। धर्मेन्द्र की पहचान ओमान मछली पकड़ने जाने पर एक व्यक्ति से हुई थी। उसी के कहने पर वह यह ड्रग्स लेकर आया था।
Published on:
23 Feb 2024 10:14 pm

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