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Gujarat: श्रेय अस्पताल में आगजनी के मामले में प्रबंधन जिम्मेदार

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Gujarat: श्रेय अस्पताल में आगजनी के मामले में प्रबंधन जिम्मेदार

Gujarat: श्रेय अस्पताल में आगजनी के मामले में प्रबंधन जिम्मेदार

गांधीनगर. अहमदाबाद के श्रेय कोविड अस्पताल में आगजनी के मामले में अस्पताल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया गया है।
मंगलवार को राज्य विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे व अंतिम दिन राज्य के दो अस्पतालों में लगी आग को लेकर गठित जस्टिस डी ए मेहता जांच आयोग की रिपोर्ट पेश की गई। राज्य सरकार ने कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर ) भी पेश की। इस रिपोर्ट में आगजनी रोकने के लिए सुरक्षा संसाधनों में खामी सामने आई।
अहमदाबाद और राजकोट के निजी कोविड अस्पतालों में पिछले वर्ष हुई आगजनी के मामले में जांच आयोग का गठन किया गया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि जब श्रेय अस्पताल में आग लगी उस समय अस्पताल से बाहर जाने की व्यवस्था नहीं थी। खिड़कियों को बंद कर दिया गया था। इन्टेन्सिव केयर यूनिट (आईसीयू) में स्मॉक डिटेक्टर और फायर अलार्म सिस्टम नहीं था। ऐसे सुरक्षा उपकरणों की कमी पाई गई। इस अस्पताल में पन्द्रह वर्ष पुरानी पेशेन्ट मॉनिटरिंग सिस्टम थी। हालांकि इस सिस्टम की हर पांच वर्ष में अवधि खत्म हो जाती है।
अहमदाबाद के श्रेय अस्पताल मे अगस्त 2020 में आग लगी थी जिसमें 8 कोरोना मरीजों की मौत हुई थी वहीं नवम्बर 2020 में राजकोट के उदय शिवानंद अस्पताल में आग लगने से 5 कोरोना मरीजों की मौत हुई थी।

आयोग ने राज्य सरकार की अवैध निर्माण को इम्पैक्ट फीस लेकर नियमित करने की नीति पर कड़ा विरोध जताया। इसमें कहा गया कि यदि श्रेय अस्पताल में अवैध निर्माण को नियमित नहीं किया गया होता तो मरीजों की जान बचाई जा सकती थी।
राजकोट के अस्पताल में आग को लेकर आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अस्पताल के आईसीयू में धमण ब्रांड का वेंटिलेटर लगाया गया था। इसमें ट्यूब में रखे थर्मो सेन्सर में शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगी जो वेंटिलेटर से मरीज को ऑक्सीजन की आपूूर्ति करता है।