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Gujarat Sabar Dairy : 70 % चीज़ मार्केट शेयर के साथ गुजरात शीर्ष पर

साबर डेयरी चीज़ प्लांट : साबरकांठा जिले के पशुपालकों को होगी वार्षिक 700 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय

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Gujarat Sabar Dairy : 70 % चीज़ मार्केट शेयर के साथ गुजरात शीर्ष पर

Gujarat Sabar Dairy : 70 % चीज़ मार्केट शेयर के साथ गुजरात शीर्ष पर

हिम्मतनगर/गांधीनगर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को साबरकांठा जिले में साबर डेयरी के 3 नए प्लांटों का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे। इसे गुजरात के पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम माना जा रहा है। इससे साबरकांठा के पशुपालकों को वार्षिक 700 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होगी।
5 एकड़ क्षेत्र में 600 करोड़ रुपए के निवेश से यह प्लांट स्थापित किया जाएगा। गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फ़ेडरेशन (गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन परिसंघ (जीसीएमएमएफ) के अनुसार चीज़ की मांग 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। इसलिए यह प्लांट स्थापित होने से वर्ष 2023-24 की अवधि में मांग से निपटने में सहायता मिलेगी। यहां शेडर, मोजऱेला तथा प्रोसेस्ड चीज़ का निर्माण किया जाएगा। इस प्लांट का निर्माण वर्ष

2024 तक पूर्ण कर ली जाएगा।
जीसीएमएमएफ़ के प्रबंध निदेशक आर. एस. सोढी ने कहा कि नई चीज़ फ़ैक्टरी में वार्षिक 1.2 करोड़ लीटर दूध का उपयोग होगा और इससे जुड़े पशुपालकों को वार्षिक 700 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होगी। भारत में चीज़ का बाज़ार 3 हज़ार करोड़ रुपए का है, जिसके आगामी 5 वर्षों में 6 हज़ार करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है। गुजरात के अमूल का हाल में भारत के चीज़ मार्केट में 70 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ शीर्ष स्थान पर है।

गुजरात में दूध का वार्षिक व्यवसाय 60 हज़ार करोड़ रुपए का
गुजरात में 24 सहकारी डेयरियों द्वारा हाल में दैनिक 250 लाख लीटर दूध प्रोसेस किया जाता है। इसमें 5वें हिस्से का दूध प्रवाही के रूप में उपयोग में लिया जाता है। जबकि शेष दूध का उपयोग पाउडर, बटर, पनीर चॉकलेट आदि उत्पाद बनाने में होता है। सहकारी ढांचे के माध्यम से गुजरात में दूध का वार्षिक व्यवसाय 60 हज़ार करोड़ रुपए का है।
पिछले दस वर्षों में चीज़ की मांग में 5 गुना वृद्धि हुई है। अत: यह प्लांट स्थापित होने से आगामी दिवसों में किसानों को दूध के अधिक दाम मिलेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। गुजरात में हाल में चीज़ के तीन प्लांट हैं, जिनमें भाट-गांधीनगर स्थित अमूल फ़ेड डेयरी प्लांट, खात्रज-खेडा स्थित खेडा जिला दूध उत्पादक संघ तथा दियोदर-साबरकांठा स्थित बनास डेयरी का दियोदर प्लांट शामिल है। साबर डेयरी के इस प्लांट से गुजरात में चीज़ उत्पाद बढ़ जाएगा और इससे राज्य की अर्थ व्यवस्था को भी लाभ होगा।
प्रधानमंत्री मोदी साबरकांठा जिला मुख्यालय हिम्मतनगर में स्थित साबर डेयरी के मुख्य डेयरी प्लांट के बराबर में 600 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाले दैनिक 30 मैट्रिक टन कैपेसिटी वाले चीज़ प्लांट का शिलान्यास व भूमिपूजन करेंगे। प्रधानमंत्री 125 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाले दैनिक 3 लाख लीटर कैपेसिटी वाले अल्ट्रा हाई ट्रीटमेंट (एएचटी) टेट्रा पैक प्लांट का ई-लोकार्पण तथा सुकन्या समृद्धि योजनांतर्गत पांच बालिकाओं को बैंक खाते की पासबुक एवं डेयरी की ओर से प्रथम किश्त के भुगतान के प्रमाणपत्र भी प्रदान करेंगे।
इन प्रकल्पों का होगा लोकार्पण व भूमिपूजन
मुख्य डेयरी प्लांट के बराबर में 600 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाले दैनिक 30 मैट्रिक टन दैनिक कैपेसिटी वाले चीज़ प्लांट का शिलान्यास तथा भूमिपूजन, 125 करोड़ रुपए ख़र्च से निर्मित 3 लाख लीटर कैपेसिटी वाले अल्ट्रा हाई ट्रीटमेंट टेट्रा पैक प्लांट का लोकार्पण, 305 करोड़ रुपए के ख़र्च से निर्मित दैनिक 120 टन कैपेसिटी वाले पाउडर प्लांट का लोकार्पण होगा।
डेयरी का 58 साल पुराना इतिहास
साबर डेयरी 58 वर्षों से कार्यरत् है। साबर डेयरी दूध उत्पादकों को पोषक भाव देने तथा सरकार की योजनाएं पहुंचाने के लिए कार्यरत् है। वर्ष 2001-02 में डेयरी के साथ 2,50,000 पशुपालक जुड़े हुए थे। यह संख्या वर्ष 2021-22 में बढ़ कर 3,85,000 तक पहुंच गई है। साबर डेयरी का वार्षिक टर्नओवर वर्ष 2001-02 में 351 करोड़ रुपए था; जो हाल में बढ़ कर 6805 करोड़ रुपए पर पहुँच गया है। यहां दैनिक 33 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जाता है। आगामी दिनों में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए पंजाब जैसे राज्यों से पशुओं की अच्छी प्रजातियों को लाकर गुजरात के पशुपालकों को मुहैया कराई जा रही हैं।