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गुजरात यूनिवर्सिटी में शुरू होंगे, डिफेंस, फोरेंसिक, योग विज्ञान से जुड़े नए कोर्स

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गुजरात यूनिवर्सिटी में शुरू होंगे, डिफेंस, फोरेंसिक, योग विज्ञान से जुड़े नए कोर्स

गुजरात यूनिवर्सिटी में शुरू होंगे, डिफेंस, फोरेंसिक, योग विज्ञान से जुड़े नए कोर्स

अहमदाबाद. कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए गुजरात विश्वविद्यालय की ओर से आनलाइन कोर्स शुरू करने का निर्णय किया गया है। इसके लिए गुजरात यूनिवर्सिटी टीचिंग-लर्निंग एंड कम्युनिकेशन सेंटर शुरू किया जाएगा। इसके साथ-साथ फोरेंसिक, डिफेंस, योग विज्ञान और वाइल्ड लाइफ कंजरवेशन विषय से जुड़े विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और पीजी सर्टिफिकेट, इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू किए जाएंगे।
इसका फैसला शनिवार को कोरोना संक्रमण के चलते पहली बार ऑनलाइन आयोजित की गई गुजरात विश्वविद्यालय (जीयू) की अकादमिक परिषद और सिंडीकेट की बैठक में किया गया। कुलपति के रूप में दूसरी बार नियुक्त होने पर प्रो. हिमांशु पंड्या की अध्यक्षता में यह अकादमिक परिषद और सिंडीकेट की पहली बैठक हुई थी इसमें उपकुलपति जगदीश भावसार, कुलसचिव डॉ पीएम.पटेल सहित सिंडीकेट और अकादमिक परिषद के सदस्य ऑनलाइन शामिल हुए।
नए शुरू होने वाले कोर्स में एमएससी इन साइबर सिक्योरिटी एंड फोरेंसिक का पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स, एमबीए इन पब्लिक पॉलिसी मैनेजमेंट, एमबीए इन होमलैंड सिक्योरिटी, एमबीए इन इवेन्ट मैनेजमेंट, एमबीए इन बिजनेस इकोनोमिक्स एंड पब्लिक साइंस, एमबीए इन डिजास्टर मैनेजमेंट, इंटीग्रेटेड पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स इन योगिक साइंस शामिल हैं। इसके अलावा प्राकृतिक खेती, किसान प्रशिक्षण, सप्लाई चेन मैनेजमेंट से जुड़े कोर्स भी शुरू करने का निर्णय किया गया है।
जीयू में यूजीसी के सहयोग से स्वामी विवेकानंद की चेयर गठित की जाएगी।

एक्सटर्नल विद्यार्थियों के परिणाम पर डीन की समिति
जीयू की ओर से संचालित किए जाने वाले कई एक्सटर्नल कोर्स के विद्यार्थियों को कोरोना की परिस्थिति के बीच बिना ऑफ लाइन परीक्षा लिए कैसे पास किया जाए उस पर चर्चा हुई। एक्जाम एसाइनमेंट सबमिशन के आधार पर पदोन्नत करने पर भी चर्चा हुई। इस बारे में डीनों की परीक्षा समिति की ओर से आखिरी निर्णय किया जाएगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का होगा अमल, रिसर्च, पेटेंट पर प्रोत्साहन
जीयू में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अमल किया जाएगा। इसके लिए गठित समितियों की सिफारिशों पर काम होगा। इतना ही नहीं शोध और पेटेंट को बढ़ावा देने के लिए जीयू में रिसर्च और पेटेंट पर काम करने वाले और उसे प्राप्त करने वाले प्राध्यापकों को प्रोत्साहित, सम्मानित करने का निर्णय किया गया है।