29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोरोना काल में गुजरात विद्यापीठ भी जल्द शुरू करेगा ऑनलाइन कोर्स

gujarat vidyapith, Online course, Covid 19, Ahmedabad, Gandhian studies 'गांधीजी की मूलभूत पुस्तकें' सर्टिफिकेट कोर्स से होगी शुरूआत

2 min read
Google source verification
कोरोना काल में गुजरात विद्यापीठ भी जल्द शुरू करेगा ऑनलाइन कोर्स

कोरोना काल में गुजरात विद्यापीठ भी जल्द शुरू करेगा ऑनलाइन कोर्स

नगेन्द्र सिंह

अहमदाबाद. कोरोना संक्रमणकाल में स्कूल से लेकर कॉलेज तक की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है, ऐसे में लोगों तक महात्मा गांधी के विचार पहुंचाने के लिए अब गुजरात विद्यापीठ भी ऑनलाइन कोर्स शुरू करने की तैयारी कर रहा है। गुजरात विद्यापीठ की स्थापना को 18 अक्टूबर २०२० को १०० वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों और साहित्य, शिक्षा से जुड़े लोगों की मांग पर गुजरात विद्यापीठ ने ऑनलाइन कोर्स शुरू करने पर विचार किया है।
इसकी शुरूआत 'गांधीजी की मूलभूत पुस्तकें' विषय पर तीन महीने के सर्टिफिकेट कोर्स से करने की योजना है। इस कोर्स को अकादमिक परिषद की ओर से भी हरी झंड़ी मिल गई है। निर्णायक मंजूरी का इंतजार है।
यह गुजरात विद्यापीठ का ऐसा कोर्स होगा जिसकी शुरूआत ही ऑनलाइन आधार पर होगी। वैसे गुजरात विद्यापीठ में ज्यादातर कोर्स निवासी हैं। विद्यापीठ परिसर में रहकर या पहुंचकर क्लासरूम में ही उनकी शिक्षा पानी होती है।
गुजरात विद्यापीठ के गांधीदर्शन पाठ्यक्रम के विभागाध्यक्ष एवं डीन प्रो. प्रेम आनंद मिश्र ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते बदले परिदृश्य और विद्यार्थियों तथा साहित्य में रुचि रखने वाले लोगों की मांग के आधार पर विद्यापीठ ने ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की योजना बनाई है। एक 'गांधीजी की मूलभूत पुस्तकें' सर्टिफिकेट कोर्स है। जिसमें गांधीजी की ओर से लिखी गई पुस्तकों की जानकारी दी जाएगी। इसे अंग्रेजी, हिंदी और गुजराती भाषा तीनों में ही सिखाने की तैयारी है। यह पहला ऐसा कोर्स होगा जो ऑनलाइन स्तर पर ही पहले शुरू होगा। इसमें गुजरात विद्यापीठ के ही कई विद्यार्थियों ने भी रुचि दिखाई है।

विदेशी विद्यार्थियों के लिए भी ऑनलाइन कोर्स

प्रो.प्रेम आनंद मिश्र बताते हैं कि 'गांधीजी की अहिंसा' सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा पीस एंड कॉन्फिलिक्ट ट्रांसफोर्मेशन (शांति और संघर्ष परिवर्तन) सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किया जाएगा ये विदेश के विद्यार्थियों के लिए शुरू किए जाएंगे। इसको लेकर विदेश के विश्वविद्यालयों से भी समझौता करने की प्रक्रिया चल रही है।

Story Loader