
Gujarat: डॉल्फिन, शार्क के शिकारियों पर हो रही कार्रवाई, वन विभाग करेगा नियमित पेट्रोलिंग
गुजरात के तट पर अन्य राज्यों के मछुआरों की ओर से डॉल्फिन और शार्क के शिकार करने का मामला सामने आने के दस दिनों के बाद राज्य सरकार के वन विभाग ने नियमित रूप से तटीय इलाकों में पेट्रोलिंग करने का निर्णय लिया है। इसे भारतीय तटरक्षक, मरीन पुलिस व कस्टम विभाग के संयोजन में किया जाएगा। यह जानकारी राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री मुलू बेरा ने मंगलवार को राज्य विधानसभा को दी।
गुजरात के समुद् में डॉल्फिन और शार्क मछलियों के शिकार की घटना को लेकर मंगलवार को विधानसभा में जवाब देते हुए मंत्री कहा कि इस घटना के शिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उप वनसंरक्षक - पोरबंदर इस मामले की जांच कर रहे हैं।उन्होंने यह भी कहा कि इन मछलियों का शिकार रोकने के लिए सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं।
बेरा के मुताबिक तमिलनाडु से पांच, केरल और असम से 2-2 तथा ओडिशा से एक सहित कुल दस मछुआरों को गत 15 मार्च को पोरबंदर तट से पकड़ा गया था। इसके साथ ही 22 डॉल्फिन और चार बुल शार्क के कंकाल उनके बोट से जब्l की गई थी। गत 26 फरवरी को ये मछुआरे अपनी बोट लेकर केरल के कोच्चि पोर्ट से रवाना हुए।गुजरात वन विभाग ने कोस्ट गार्ड के साथ संयोजन कर गत 15 मार्च को इन मछुआरों को हस्तक्षेप करते हुए पोरबंदर तट से करीब 12 नॉटिकल मील पर समुद्र में पक़ड़ा। जांच के दौरान इनके बोट में 22 मृत डॉल्फिन
और चार मृत बुल शार्क पाए गए। इन सभी मछुआरों को गिरफ्तार किया गया और ये सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इन प्रजातियों का शिकार करना कानूनन अपराध है। इन इलाकों में पेट्रोलिंग को मजूबत करने के लिए हम स्थानीय मछुआरों की मदद लेंगे।
पोरबंदर के समुद्री क्षेत्र में 15 मार्च को वन विभाग-पोरबंदर ने भारतीय तटरक्षक और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के साथ दस शिकारियों को पकड़ा था, जिनसे 22 मृत डोल्फिन और चार मृत बुल शार्क मछली मिली थी। ये शिकारी केरल के कोच्चि बंदरगाह से आए थे। फिलहाल इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।उन्होंने कहा कि कि वन विभाग और तटरक्षकों के साथ बैठकों का आयोजन कर व्हेल शार्क और डॉल्फिन के संरक्षण और संवर्द्धन को लेकर जानकारी दी जाती है। ओखा में डॉल्फिन देखने के लिए सैलानी आते हैं। इसके संरक्षण और संवर्द्धन के लिए राज्य सरकार ने मरीन पार्क क्षेत्र का सर्वे किया है, जिसमें डोल्फिन की संख्या 200 से ज्यादा हो सकती है।
दरअसल, कांग्रेस विधायकों ने सदन में चर्चा की मांग की थीगुजरात विधानसभा के नियम 116 के तहत वन एवं पर्यावरण मंत्री को अवगत कराने के लिए विधायक अर्जुन मोढवाडिया और अन्य विधायकों ने अवगत कराया था। इन विधायकों ने शिकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई राज्य सरकार से जानकारी मांगी थी।
Published on:
21 Mar 2023 10:44 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
