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राज्य के पीने के पानी में होगी कटौती

सिंचाई और उद्योग के लिए नहीं मिलेगा पानी

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Gujarat, shortage of water

गांधीनगर. राज्य में गर्मी के मौसम में पानी का संकट मंडरा सकता है। राज्य की जीवनरेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी बांध में पानी की आवक घटने के कारण इस वर्ष गुजरात को कम पानी आवंटित किया गया है। इतना ही नहीं जितना पानी आवंटित किया गया उसमें से सिर्फ 1 मिलियन एकड़ फीट ही पानी अब बचा है। इसलिए सिंचाई व उद्योग के लिए पानी नहीं दिया जाएगा। इसलिए राज्य सरकार ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पीने के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करना आवश्यक बताया है।
इस संंबंध में मुख्य सचिव डॉ जे. एन. सिंह ने बताया कि नर्मदा अवॉर्ड के तहत गुजरात को 9 मिलियन एकड़ फीट पानी आंवटित किया जाता है। इ वर्ष मध्य प्रदेश में पिछले 15 वर्ष के मुकाबले कम बारिश के कारण पानी की आवक कम हुई है। इस कारण गुजरात के साथ-साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र व राजस्थान को पानी आवंटन में कमी की गई है।


इस बार 4.71 मिलियन एकड़ फीट ही आवंटित

गुजरात को इस बार 4.71 मिलियन एकड़ फीट हिस्सा आवंटित किया गया जो हर वर्ष की तुलाना में 45 फीसदी से भी कम है। इन सभी स्थितियों को देखते हुए राज्य सररकार ने महानगरपालिका व नगरपालिकाओं को वैकल्पिक जल व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
सिंह ने बताया कि नर्मदा के पानी की सीमित उपलब्धता के साथ-साथ दूसरी ओर एक वर्ष के दौरान 9 हजार किलोमीटर की वृद्धि हुई है। फिलहाल राज्य के चार करोड़ नागरिकों को पीने के पानी के लिए नर्मदा के पानी पर आधार रखना पड़ेगा। इसलिए राज्य सरकार पीने के पानी के लिए कटौती करेगी।
वैसे हर वर्ष गुजरात को आवंटित 4.71 मिलियन एकड़ फीट पानी में से 1.29 मिलियन एकड़ फीट पीने के पानी के लिए आरक्षित रखी जाती है वहीं 0.06 फीसदी पानी उद्योग के लिए और शेष 3.36 पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध होती है।
पानी की कमी को देखते हुए महानगरपालिकाओं के लिए पहले के स्त्रोत के उपयोग करने को कहा गया है। अहमदाबाद, वडोदरा महानगरपालिकाओं को साबरमती, मही नदी के फ्रैन्चवेल का उपयोग करने की सूचना दी गई है।
सीमित पानी होने के कारण रबी के मौसम के दौरान किसानों को पानी के दुरुपयोग से बचने, बाड़बंदी के हिसाब से सिंचाई करने तथा नहरों से अनधिकृत पानी नहीं निकाल कर सरकार को मदद करने को कहा गया है।
पानी का आवंटन 1 जुलाई से 30 जून तक गिना जाता है।
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तालिका....
राज्य सामान्य आवंटन वर्ष आवंटन वर्ष
आवंटन 2016-17 2017-18

गुजरात 9.00 ९.३४ ४.७१
मध्य प्रदेश 18.25 18.94 9.55
महाराष्ट्र ०.२५ ०.२६ ०.१३
राजस्थान ०.५० ०.५२ ०.२६

(पानी का आवंटन 1 जुलाई से 30 जून तक माना जाता है)