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ज्ञानशाला को मान्यता नहीं, ना लें प्रवेश: डीईओ

शाला के केन्द्रों में पढऩे वाले बच्चों को दिया पड़ोस के स्कूलों में प्रवेश

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ज्ञानशाला को मान्यता नहीं, ना लें प्रवेश: डीईओ

अहमदाबाद. अहमदाबाद शहर के झुग्गी बस्तियों में केन्द्र खोलकर वहां पर बच्चों को पहली से लेकर नौवीं कक्षा तक की पढ़ाई करने वाली ज्ञानशाला में किसी भी बच्चे को प्रवेश नहीं लेने का निर्देश शहर जिला शिक्षा अधिकारियों ने जारी किया है। इसमें कहा गया है कि इस स्कूल को गुजरात सरकार की ओर मंजूरी नहीं दी गई है, जिससे इसमें प्रवेश ना लें।
ज्ञानशाला में पढ़ाई करने वाले बच्चों का भविष्य नहीं बिगड़े इसके लिए सरकार के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से करीब सात हजार विद्यार्थियों को पहली से लेकर नौवीं कक्षा तक में मनपा व निजी स्कूलों में ट्रांसफर कराया गया है।
मान्यता के बिना स्कूल के चलने की बात ध्यान में आने पर डीईओ ने इसे नोटिस जारी किया गया था। स्कूल नौवीं कक्षा तक की पढ़ाई करा रही थी। जिसके चलते नौवीं के बाद यदि दसवीं की बोर्ड परीक्षा में बैठना हो तो स्कूल में प्रवेश के लिए स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट होना जरूरी है। ज्ञानशाला के पास मंजूरी नहीं होने के चलते वह स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट नहीं देती थी। जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ रहा था। यह तथ्य ध्यान में आने पर स्कूल को बंद करने का नोटिस दिया गया है।
डीईओ नवनीत मेहता ने बताया कि मंजूरी के बिना ज्ञानशाला चल रही थी। जिसके चलते इसे नोटिस जारी करने के साथ इसके केन्द्रों में पढऩे वाले बच्चों को नजदीकी स्कूलों में ट्रांसफर कराया है। अभिभावकों से भी अपील की है कि वह मान्यता के बिना की स्कूल में अपने बच्चों को न पढ़ाएं।

डीईओ की टीमों ने की स्कूलों में जांच
अहमदाबाद. शहर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के शिक्षा निरीक्षकों व सहायक शिक्षा निरीक्षकों की टीमों ने बुधवार सुबह से ही शहर के अनुदानित हाईस्कूलों में पहुंचकर जांच की। इस दौरान स्कूलों में कर्मचारियों की उपस्थिति, मान्यता के हिसाब से ही स्कूलों में वर्ग चल रहे हैं या नहीं। मंजूरी के वर्ग जितने ही बच्चे हैं या नहीं इसको लेकर जांच की गई। इसके अलावा शहर में कोई मंजूरी के बिना स्कूल नहीं चले इसको लेकर भी जांच की जा रही है। मान्यता के बिना यदि कोई स्कूल चलेगी तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।