
गांधी जयंती से फिर हुंकार भरेंगे हार्दिक
अहमदाबाद. पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के मुख्य संयोजक हार्दिक पटेल ने गांधी जयंती दो अक्टूबर से एक बार फिर से हुंकार भरने की घोषणा की है। गुजरात के किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी, पाटीदारों को आरक्षण और अल्पेश कथीरिया की जेल से रिहाई की मांग को लेकर २५ अगस्त से १९ दिन तक अनशन करने के बावजूद भी राज्य सरकार की ओर से कोई मांग नहीं मानी गई, लेकिन हार्दिक पटेल ने पाटीदार समाज के अग्रणियों की मांग को ध्यान में रखते हुए अनशन तोड़ दिया था।
उसके बाद हार्दिक पटेल बैंगलूरु में उपचार लेने गए। वहां से लौटने के बाद हार्दिक ने गुजरात में एक बार फिर से गांव-गांव जाकर पाटीदारों, किसानों को उनके हक के लिए जागरुक करने की घोषणा की है।
इसी के तहत दो अक्टूबर को मोरबी जिले के बगथळा गांव में पाटीदार समाज की ओर से हार्दिक पटेल की उपस्थिति में प्रतीक धरना दिया जाएगा। सुबह 11 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक धरने पर बैठने के बाद हार्दिक पटेल शाम को सभा को संबोधित भी करेंगे।
प्रतीक धरने पुरानी तीन मांगों किसानों की कर्ज माफी, पाटीदारों को आरक्षण और अल्पेश कथीरिया की रिहाई को लेकर ही दिया जाएगा।
इसके अलावा पास संयोजक मनोज पनारा ने कहा कि मोरबी जिले में भी बहुत कम बारिश हुई है, जिससे मोरबी जिले को भी सूखाग्रस्त घोषित किया जाए और किसानों को योग्य मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा भी महेसाणा में व अन्य जगहों पर भी पाटीदारों की ओर से प्रतीक धरना दिया जाएगा। हार्दिक पटेल मोरबी जाने के लिए सोमवार को ही रवाना हो गए। वह रास्ते में मोरबी जिले के नवागांव में रुके। वह सोमवार की रात को उसी गांव में विश्राम करेंगे और मंगलवार सुबह धरनास्थल बगथळा गांव के लिए रवाना होंगे। हार्दिक पटेल ने टिवट करके नवागांव में उनके रुकने की जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के दिन गुजरात में प्रतीक धरना होगा। एक साथ राज्य के २८ जिलों के १५० गांव में सामाजिक न्याय और किसानों की कर्ज माफी की मांग के लिए प्रतीक धरना दिया जाएगा।
Published on:
01 Oct 2018 10:59 pm
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