
Dussehra : गुजरात में अनोखी परम्परा, दशहरा पर पर खाते हैं फाफड़ा-जलेबी
अहमदाबाद/आणंद. अनूठी परम्पराओं के लिए प्रसिद्ध गुजरात में दशहरा पर मंगलवार को लोगों की पसंद बनेगा फाफड़ा-जलेबी। गुजरात में हर त्यौहार के साथ कोई न कोई व्यंजन जुड़ा हुआ है। पतंग पर्व उत्तरायण पर जहां ऊंधियु-जलेबी का जम कर लुत्फ उठाया जाता है, वहीं होली-दीवाली पर मिठाइयों की भरमार रहती है, तो दशहरा पर फाफड़ा-जलेबी खाने की वर्षों पुरानी परम्परा चली आ रही है। यूं तो आम दिनों में गुजरातियों के लिए फाफड़ा प्रिय नाश्ता होता ही है, लेकिन दशहरा के दिन इसकी विशेष रूप से बिक्री होती है।
अहमदाबाद सहित प्रदेशभर में दशहरा को लेकर लोगों की खातिरदारी के लिए शहर में स्थाई दुकानों के अलावा जगह-जगह अस्थाई स्टॉल भी लगाए जाते हैं।
यहां दिल्ली दरवाजा बाहर दूधेश्वर रोड स्थित फाफड़ा व्यापारी जयपालसिंह राजपूत के अनुसार इस वर्ष फाफड़ा-जलेबी के भावों में कुछ वृद्धि हुई है, जिसका असर ग्राहकी पर हो सकता है। इस बार फाफड़ा ३६० रुपए किलो एवं जलेबी २००-२२० रुपए किलो है।
उन्होंने बताया कि दशहरा पर फाफड़ा-जलेबी खाने की परम्परा पुरानी है, ऐसे में ज्यादा नहीं तो कम ही सही, लेकिन सभी लोग दशहरा के व्यंजन को खाते हैं।
एडवांस ऑर्डर मिले
आणंद के व्यापारी मयूरभाई के अनुसार फाफड़ा-जलेबी तैयार करने के सामान में हुई वृद्धि के चलते इस वर्ष दशहरा का चटकारा कुछ महंगा हुआ है, लेकिन खाने के शौकीन लोगों ने लाइनों से बचने के लिए पहले से ही एडवांस ऑर्डर दे दिए हैं। इस वर्ष जलेबी १६०-१८० रुपए किलो व फाफड़ा ३०० रुपए किलो बिक रहा है।
Published on:
07 Oct 2019 10:52 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
