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द्वारका तट पर समुद्र उफान पर, 20 फीट तक उठीं लहरें

हाई वेव अलर्ट के बाद से समुद्र में तेज हलचल बनी हुई है। कई स्थानों पर 15 से 20 फीट तक ऊंची लहरें उठने से प्रशासन ने गोमती घाट सहित प्रमुख तटीय क्षेत्रों में लोगों के प्रवेश और समुद्र स्नान पर रोक लगा दी है। यह स्थिति शनिवार सुबह तक बने रहने की संभावना जताई गई है।
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High Wave Alert Along Dwarka Coast High Wave Alert on Dwarka Coast High Wave Alert Issued for Dwarka Coast 20-Foot Waves Trigger High Wave Alert Along Dwarka Coast (यदि लहरों का उल्लेख करना हो) अगर यह समाचार की हेडिंग है, तो मेरी पहली पसंद होगी: High Wave Alert Along Dwarka Coast यह संक्षिप्त, स्पष्ट और अखबारी शैली की हेडिंग है।

समुद्र में ऊंची लहरें।

Ahmedabad: दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के बीच शुक्रवार को द्वारका का समुद्र भी लगा मानो उफान पर हो। इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इंफॉर्मेशन सर्विसेज की ओर से जारी हाई वेव अलर्ट के बाद गुरुवार रात से समुद्र में तेज हलचल बनी हुई है। कई स्थानों पर 15 से 20 फीट तक ऊंची लहरें उठने से प्रशासन ने गोमती घाट सहित प्रमुख तटीय क्षेत्रों में लोगों के प्रवेश और समुद्र स्नान पर रोक लगा दी है। यह स्थिति शनिवार सुबह तक बने रहने की संभावना जताई गई है।

तेज हवा और बारिश के बीच गोमती घाट, पंचकुई बीच, संगम नारायण बीच, गायत्री बीच, लाइट हाउस क्षेत्र, रूपेण पोर्ट के आसपास समुद्र की लहरें लगातार ऊंची उठती रहीं। कई स्थानों पर लहरें तट से टकराती दिखाई दीं, जिससे समुद्र का रौद्र रूप देखने को मिला।

सतर्कता बढ़ाई

संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे तटीय क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को समुद्र के निकट नहीं जाने तथा किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि हाई वेव अलर्ट प्रभावी रहने तक समुद्र तटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी जाएगी।

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र और ऑफशोरट्रफ का असर

अहमदाबाद। गुजरात में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया), दक्षिण गुजरात तट से कर्नाटक तक बने ऑफशोरट्रफ तथा अन्य मौसमी सिस्टम के असर से राज्य में अगले सात दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने शनिवार से लगातार चार दिनों तक दक्षिण गुजरात के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को भी दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के अनेक हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई, जबकि राज्य के कई शहरों में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार पहले दिन सूरत, तापी, डांग, नवसारी, वलसाड, दमण तथा दादरा एवं नगर हवेली में कहीं-कहीं अति भारी बारिश हो सकती है। अमरेली, जूनागढ़, गिर सोमनाथ और दीव में भी भारी से अति भारी वर्षा का अनुमान है।