
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि आर्थिक विकास का आधार ईमानदार करदाता और आयकर विभाग है। उन्होंने 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में बढ़ते भारत के पीछे आयकर विभाग और करदाताओं की अहम भूमिका भी बताई। शहर में गुरुवार को आयकर विभाग के 166वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि पद से संबोधित करते हुए उन्होंने कर प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि टैक्स व्यवस्था पारदर्शी और करदाता-मित्र बन गई है। डिजिटल सुधारों, फेसलेस असेसमेंट और 12 लाख तक की छूट को सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि टैक्स वसूली सामाजिक समानता का माध्यम हो गया है।राज्यपाल ने कहा कि विकास के जिस रास्ते पर आज हम बढ़ रहे हैं, वह आयकर विभाग की मेहनत और करदाताओं के विश्वास से संभव हुआ है। किसी भी राष्ट्र, समाज या परिवार की प्रगति का मूल आधार अर्थव्यवस्था होती है और इस दिशा में आयकर विभाग का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज भारत का आधारभूत ढांचा, सेनाओं की क्षमता और नागरिकों को मिलने वाली सुविधाएं एक मज़बूत राजस्व व्यवस्था पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश से 1,05,421 करोड़ का वार्षिक आयकर संग्रह हो रहा है, जो समाज की आर्थिक मजबूती का प्रमाण है।
राज्यपाल ने करदाताओं और विभाग के बीच आपसी विश्वास की भावना को आवश्यक बताते हुए कहा कि आयकर प्रक्रिया में भय या शत्रुता का वातावरण नहीं, बल्कि संवाद, सहानुभूति और पारदर्शिता होनी चाहिए। वसूली केवल राजस्व संग्रह नहीं, बल्कि सामाजिक समानता का माध्यम है। इस अवसर पर उत्कृष्ट सेवा करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
समारोह में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त सतीश शर्मा ने कहा कि वर्ष 1990 में टैक्स संग्रह 10,000 करोड़ रुपए था, जो अब 22 लाख करोड़ को पार कर गया है। इस वर्ष 25 लाख करोड़ का लक्ष्य है। इस मौके पर मुख्य आयकर आयुक्त अपर्णा अग्रवाल, मुख्य आयकर आयुक्त (अहमदाबाद-1) राजेश कुमार गुप्ता, आयकर महानिदेशक (जांच) सुनील कुमार सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
Published on:
24 Jul 2025 10:55 pm
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