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अहमदाबाद के विदेशी डाकघर से खिलौनों, कपड़ों के पार्सल से मिला 3.50 करोड़ का हाइब्रिड गांजा, ड्रग्स

अमरीका, कनाडा से आए 58 पार्सलों से 11 किलो से ज्यादा का हाइब्रिड गांजा बरामद हुआ है। कस्टम, डाक विभाग के साथ मिलकर अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच ने यह कार्रवाई की।

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विदेश से आए पार्सलों में खिलौने से बरामद हुआ हाइब्रिड गांजा।

गुजरात में सीमा पार पाकिस्तान, अफगानिस्तान से समंदर के रास्ते भेजे जाने वाले ड्रग्स के कंसाइनमेंट पर कड़ी कार्रवाई करने के बाद गुजरात पुलिस ने खिलौनों, कपड़ों, चॉकलेट के पार्सलों में छिपाकर हाइब्रिड गांजा भेजने की मॉडस ऑपरेंडी का भी पर्दाफाश किया है। शहर क्राइम ब्रांच ने एक बार फिर शहर के विदेश डाकघर में अमरीका व कनाडा से भेजे गए 58 शंकास्पद पार्सलों को चिन्हित कर वीडियोग्राफी के बीच खोलने पर हाइब्रिड गांजा व ड्रग्स बरामद किया गया।

58 पार्सलों से 11 किलो 601 ग्राम हाइब्रिड गांजा बरामद किया गया है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3 करोड़ 48 लाख रुपए है। इसके अलावा ओपीएमएस गोल्ड लिक्विड करोटोम एक्सट्रैक्ट ड्रग्स की 8.8 एमएल की 60 शीशी बरामद की है जिसकी कीमत 72 हजार रुपए बताई जाती है।

क्राइम ब्रांच के सहायक पुलिस आयुक्त भरत पटेल ने संवाददाताओं को बताया कि कस्टम विभाग और डाक विभाग की मदद से यह कार्रवाई की गई। विदेश से आए शंकास्पद पार्सलों को चिन्हित कर उन्हें खोला गया। उन्होंने बताया कि पहले की तरह इस बार भी खिलौनों-बेबी बूटीस, बेबी डायपर, आउटलेट प्लग, टीथर टॉय, जेड विमान, ट्रक, स्पाइडर मैन बॉल में छिपाकर हाइब्रिड सिंथेटिक गांजा को एयर टाइट करके छिपाया गया था।

आरोपियों ने स्टोरी बुक, फोटो फ्रेम, चॉकलेट के अंदर भी छिपाकर हाइब्रिड गांजा भेजा था। इसके अलावा जैकेट, लेडीज ड्रेस, पीजा पैकेट, लंच बॉक्स, विटामिन कैंडी, स्पीकर, एन्टिक बैग के पार्सलों में भी छिपाकर इसे भेजा गया है। यह लोगों के पास पहुंचे उससे पहले ही इसे जब्त कर लिया गया। ज्ञात हो कि इससे पहले भी एक जून को क्राइम ब्रांच ने सवा करोड़ रुपए का हाइब्रिड गांजा विदेशी डाक में भेजे गए पार्सलों से बरामद किया था।

शंकास्पद रिसीवरों की हुई पहचान, जांच

पटेल ने बताया कि यह पार्सल जिन पतों पर भेजे गए थे। उनकी जांच की जा रही है। इन्हें लेने आने वाले शंकास्पद रिसीवरों में से कुछ की पहचान सुनिश्चित की गई है। इस मामले में जल्द ही कुछ गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

डार्क वेब, सोशल मीडिया के जरिए बिक्री

क्राइम ब्रांच ने बताया कि डार्क वेब और सोशल मीडिया के जरिए हाइब्रिड गांजा, सिंथेटिक गांजा की बिक्री होती है।शहर के स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के कई विद्यार्थी इसके व्यसन की बात सामने आई है। बड़े घरों के इन बच्चों की काउंसलिंग भी क्राइम ब्रांच की ओर से की गई है। उनके अभिभावकों को भी बुलाकर समझाया गया है। इन बच्चों की पूछताछ में आए तथ्यों से भी कई अहम सबूत और जानकारी क्राइम ब्रांच को हाथ लगी है। इसके तार अहमदाबाद के अलावा सूरत और उसके अलावा दिल्ली और मुंबई से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। फिलहाल इस मामले में क्राइम ब्रांच ने प्राथमिकी दर्ज की है।