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दिव्यांग लोगों को पढ़ाने के लिए विशेष शिक्षक तैयार करेगी आईआईटीई

IITE, Special teacher, Divyang, integrated Bsc Bed, RCI, education इंटीग्रेटेड बीएससी-बीएड कोर्स किया शुरू, 30 सीट को मंजूरी, रिहेबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया से मिली है हरी झंडी

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दिव्यांग लोगों को पढ़ाने के लिए विशेष शिक्षक तैयार करेगी आईआईटीई

दिव्यांग लोगों को पढ़ाने के लिए विशेष शिक्षक तैयार करेगी आईआईटीई

अहमदाबाद. बच्चों को शिक्षित करने में शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में जब बात दिव्यांग बच्चों की शिक्षा की हो तो उसके लिए विशेष प्रशिक्षण और दक्षता का होना जरूरी है। इसी जरूरत को परखते हुए भारतीय शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (आईआईटी-ई) गांधीनगर की ओर से इस वर्ष इंटीग्रेटेड बीएससी-बीएड कोर्स शुरू किया गया है। इसमें 30 सीटें हैं। रिहेबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) की ओर से कोर्स को मंजूरी दे दी गई है।
आईआईटी-ई के कुलपति डॉ. हर्षद पटेल ने बताया कि दिव्यांग व्यक्ति भी हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण अंग है। उन्हें भी योग्य शिक्षा मिले उसके लिए शिक्षकों को योग्य व विशेष प्रशिक्षण देना जरूरी है। इसके लिए आईआईटीई ने सेंटर ऑफ स्पेशल एजूकेशन की स्थापना की है। जिसके तहत अलग-अलग 12 प्रकार की दिव्यांगताओं को चिन्हित कर इन दिव्यांगताओं वाले बच्चों को कैसे बेहतर तरीके से शिक्षा दी जा सकती है उसका प्रारूप और पद्धति तैयार की है। इसके लिए शिक्षकों को विशेष प्रकार का प्रशिक्षण देना जरूरी है।
रिहेबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) ने आईआईटीई को इसी वर्ष से संस्थान को चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएससी-बीएड (स्पेशल एजूकेशन) कोर्स की मंजूरी दी है। इस कोर्स में 30 सीटें स्वीकृत की हैं। इसमें प्रवेश पाने वाले विद्यार्थी दिव्यांगों को प्रशिक्षण देने वाले स्पेशल एजूकेटर बन सकते हैं। इसमें क्षेत्र में रोजगार के भी बेहतर अवसर हैं।
आईआईटीई ने इस क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण की जरूरत समझते हुए कोर्स को शुरू करने का निर्णय किया था। इस मामले में वर्ष 2019 में जनरल काउंसिल की मीटिंग आधिकारिक निर्णय किया गया था। उसके बाद इस कोर्स को शुरू करने के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से काफी तैयारी भी की गई, जिसे देखते हुए आरसीआई ने मंजूरी दी है।