19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘धर्म का अंधा उन्माद आम आदमी को क्षण भर के लिए बना देता है राक्षस’

-हाईकोर्ट का अवलोकन - 2002 ओड दंगा प्रकरण

2 min read
Google source verification
'In communal riots human beings momentarily turns into monasters'

अहमदाबाद. वर्ष 2002 के ओड दंगा प्रकरण में अपील याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए गुजरात उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की कि न्यायालय ने नासमझ हिंसा व निर्दोष लोगों की जिंदगी खत्म होते देखी है। न्यायाधीश अकील कुरैशी व न्यायाधीश बी. एन. कारिया की खंडपीठ ने कहा कि हम प्रचंड आग में मरने वाले पीडि़तों के दर्द की कल्पना का अंदाजा नहीं लगा सकते। हम पीडि़तों के परिजनों के उस समय की दु:ख की गहराई व हताशा नहीं आंक सकते जब उन्होंने अपने परिजनों को असहाय ढंग से अपनी आखों के सामने वीभत्स तरीके से मरते हुए देखा होगा।
खंडपीठ के मुताबिक उन्होंने अपील याचिकाओं की सुनवाई के दौरान आरोपियों के परिजनों के चेहरे पर अलग तरह की हताशा देखी है। प्रतिदिन बूढ़ी महिलाओं, युवा गृहणियों को बच्चों के साथ पैरों पर खड़े और बंधे हातों से अपने बेटे, पति व पिता की अंतरिम रिहाई की मांग करते देखा है। जमानत के लिए परिजनों की मौत, परिवार में आर्थिक संकट या बच्चों की गंभीर बीमारी और इसी तरह के कारणोंं का हवाला दिया गया था।
खंडपीठ के अनुसार इन बातों का हवाला सिर्फ उन सभी प्रकार के दुख को उजागर करने के लिए दिया है जो ऐसे विचारहीन व अनावश्यक हिंसा के बाद शेष रह जाते हैंं। ेऐसी घटना जिसे हम अक्सर सांप्रदायिक उन्माद के रूप में जानते हैं। इस उन्माद के दौरान सामान्य मनुष्य कुछ क्षण के लिए रक्त पिपासु राक्षस के रूप में तब्दील हो जाता है जिसमें मौत की राहत और पीडि़तों व परिवारों की तबाही छोड़ जाता है।
खंडपीठ के अनुसार हमारे हाथ में पीडि़तों या आरोपियों के परिजनों के दु:ख या वेदना कम करने का अधिकार नहीं है। हमने सिर्फ जल्द से जल्द फैसले देने का काम किया है जिससे अनिश्चितता के कारण चिंता थोड़ी-बहुत कम हो सके।

इन 14 की उम्र कैद की सजा बरकरार

1) विनू भीखा पटेल
2) विजय रावजी पटेल
3) जयेन्द्र सता पटेल
4) सुरेश भाईलाल पटेल
5) दिलीप विनु पटेल
6) परेश भाई रणछोड़ पटेल
7) अरविंद रावजी पटेल
8) हेमंत सता पटेल
9) सनत रणछोड़ पटेल
10) मनु जेठा पटेल
11) दिलीप रणछोड़ पटेल
12) धर्मेश नटूभाई पटेल
13) विनु शना पटेल
14) प्रवीण मंगल पटेल

ये 3 बरी

1) दिलीप वल्लभ पटेल
2) पूनम लालजी पटेल
3) नटू मंगल पटेल

इन 5 की सात वर्ष की सजा बरकरार

1) देवांग हर्षद पटेल
2) गिरीश सोमा पटेल
3) प्रकाश जश पटेल
4) दिलीप शना पटेल
5) अतुल डाह्या पटेल