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Waist- to-hip Ratio: कमर मोटी है तो हार्ट अटैक, टाइप 2 डायबिटीज का खतरा ज्यादा

Waist-to-hip ratio, heart attack, type 2 diabetes, NFHS-5 survey

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Waist to-hip Ratio: कमर मोटी है तो हार्ट अटैक, टाइप 2 डायबिटीज का खतरा ज्यादा

Waist- to-hip Ratio: कमर मोटी है तो हार्ट अटैक, टाइप 2 डायबिटीज का खतरा ज्यादा

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उदय पटेल

आधुनिक जीवन शैली, अनियमित खान-पान और आरामतलब जिंदगी के चलते महिला और पुरुषों में कमर और कूल्हे पर बढ़ता फैट कई बीमारियों का कारण बन रहा है। भारत में 57 फीसदी महिलाओं और 48 फीसदी पुरुषों में वेस्ट टू हिप रेशियो (कमर से कूल्हे का अनुपात-डब्ल्यूएचआर) तेजी से बढ़ा है। यह जानकारी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस) -5 में दी गई है। इस बार के सर्वे में इस अनुपात को पहली बार शामिल किया गया है। विशेषज्ञों की मानें तो जिनकी कमर मोटी है उन्हें हार्ट अटैक, टाइप 2 डायबिटीज जैसे रोगों का ज्यादा खतरा है।
अनुपात के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि महिलाओं में इस तरह का सबसे ज्यादा खतरा जम्मू कश्मीर में है वहीं सबसे कम मध्य प्रदेश में है। जबकि पुरुषों में इसका सर्वाधिक खतरा चंडीगढ़ और सबसे कम मेघालय में पाया गया है।

वेस्ट टू हिप रेशियो से बीमारियों का पता
वेस्ट टू हिप रेशियो से लोगों की बीमारियों के खतरे का पता लगाया जा सकता है। इस नाप से यह तय होता है कि किसी व्यक्ति की कमर, कूल्हों पर कितना फैट जमा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक वेस्ट टू हिप रेशियो पुरुषों में 0.9 या उससे कम और महिलाओं में 0.85 या उससे कम होना चाहिए। यह अनुपात कमर और कूल्हे की परिधि को मापकर निकाला जाता है। पुरुषों व महिलाओं दोनों में 1 या इससे अधिक का अनुपात दिल की बीमारी और अन्य खतरे को बढ़ाते हैं।

उम्र के साथ बढऩे लगता है कमर का फैट
उम्र के साथ कमर और कूल्हे का फैट बढ़ता जाता है। महिलाओं में 15 से 19 वर्ष की युवतियों में 46 फीसदी, 40 से 49 वर्ष की आयु वर्ग में 65 फीसदी तक वृद्धि देखी गई। वहीं, पुरुषों में 15-19 आयु वर्ग के युवकों के 28 फीसदी से 40 से 49 आयु वर्ग में 60 फीसदी तक यह वृद्धि पाई गई।

शहरी क्षेत्रों की महिलाओं में अनुपात ज्यादा
ग्रामीण क्षेत्रों की बजाय शहरी क्षेत्रों में यह अनुपात ज्यादा पाया गया। महिलाओं के मामले में शहरी क्षेत्रों में 60 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 55 फीसदी है वहीं पुरुषों के मामले में यह शहरी क्षेत्रों में 50 और ग्रामीण क्षेत्रों में 47 फीसदी है।

राज्य और महिला कमर का अनुपात
राज्य अनुपात
जम्मू कश्मीर 87.8
लद्दाख 86.4
सिक्किम 75.6
पश्चिम बंगाल 74.6
पंजाब 72.7

राज्य और पुरुष कमर का अनुपात
राज्य अनुपात
चंडीगढ़ 66.9
पंजाब 63.2
दिल्ली 61.8
लद्दाख 60.8
जम्मू कश्मीर 60.7

लोगों में शारीरिक श्रम की कमी
आलसी जीवन और शारीरिक क्रियाकलापों की कमी वेस्ट टू हिप रेशियो बढ़ता है। पहले जमाने में सभी लोग शारीरिक रूप से ज्यादा श्रम करते थे, किलोमीटरों पैदल चलते थे। इस रेशियो के बढऩे से हार्ट अटैक व डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा काम खुद करने चाहिए।
- डॉ राजेश शाह, वरिष्ठ चिकित्सक, अहमदाबाद