
Train: LHB Rakes को हेड ऑन जनरेशन से 32 करोड़ की बचत
अहमदाबाद. पश्चिम रेलवे (western railway) ने एंड ऑन जनरेशन (EON) एलएचबी रेकों (LHB rakes) को हैड ऑन जनरेशन (HOG) सिस्टम में बदलाव कर वर्ष 2019-2020 में 32.22 करोड़ की बचत की। वहीं पिछले 4 वर्षों में 83 करोड़ रु. की बचत की गई।
पश्चिम रेलवे नए एवं बेहतरीन तरीकों के ज़रिए 'स्वच्छ रेल - स्वच्छ भारतÓ (Clean rail- Clean india mission) मिशन की ओर व्यापक रूप से अपना योगदान देने में निरंतर कार्य कर रही है। ट्रेन परिचालन (Train operation) की लागत में कमी पर जोर एवं हरित तथा स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराते हुए पश्चिम रेलवे के बिजली विभाग (Electric department) ने अब तक 67 लोकोमोटिव को हैड ऑन जनरेशन (एचओजी) सिस्टम में परिवर्तित कर चलाया है, जो भारतीय रेल पर सर्वाधिक है। वर्ष 2019-2020 में पश्चिम रेलवे ने 34 रेकों में बदलाव किया। इसके चलते भारतीय रेलों पर सबसे एचओजी परिवर्तित ट्रेनें चलाई गई हैं।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविंद्र भाकर के अनुसार पश्चिम रेलवे ने 67 थ्री-फेज अत्याधुनिक डबल्यूएपीआई लोकोमोटिव चलाए जा रहे हैं, जिनमें 25 केवी ओवर हैड पावर सप्लाई को लोकोमोटिव (Locomotive) में इंस्टॉल 500 केवीए द्वारा 750 वॉल्ट में बदलाव किया जाता है। ट्रेन के इलेक्ट्रिकल लोड को पूरा करने के लिए कोचों के बीच इलेक्ट्रिकल कपलर के ज़रिये ट्रांसमिट किया जाता है।
यह उल्लेखनीय है कि इस वित्तीय वर्ष में पश्चिम रेलवे ने 34 रेकों में इलेक्ट्रिकल सर्किट में बदलाव किया है, जो भारतीय रेलवे पर किसी भी जोनल रेलवे द्वारा सर्वाधिक है। 20 जनवरी तक प्रारम्भिक तौर पर पश्चिम रेलवे के स्वामित्व वाले 65 केवीए एचओजी कम्पलायंट एलएचबी रेकों में से 51 एलएचबी रेक एचओजी प्रणाली पर 49 जोड़ी नियमित ट्रेनों की सेवा में चल रहे हैं। पश्चिम रेलवे पर विद्युतीकरण कार्य में तेजी लाते हुए ट्रेन परिचालन की लागत में बचत एवं एचओजी सिस्टम को और विस्तार देने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। पश्चिम रेलवे ने पिछले 4 वर्षों में विद्युतीय परिचालन में कुल 83 करोड़ रु. की बचत दर्ज की है।
भाकर ने बताया कि भारतीय रेल पर एचओजी परिवर्तन कार्य नवम्बर 2015 में पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल में पहली बार शुरू किया गया। जब ट्रेन नम्बर 12951/52 मुंबई सेंट्रल-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के पहले रेक को एचओजी सिस्टम पर लाया गया। तब से एचओजी रेक होल्डिंग एवं लोकोमोटिव में तेजी से वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप पश्चिम रेलवे को चालू वित्तीय वर्ष 2019-2020 (20 जनवरी 2020) तक के दौरान 32.22 करोड़ रुपए की बचत हुई है । वर्ष 2019-20 के दौरान बचत लगभग 45 करोड़ रु. होने की सम्भावना है। यह प्रशंसनीय है कि एचओजी प्रणाली में परिवर्तन होने के कारण पश्चिम रेलवे दिसम्बर, 2015 से 20 जनवरी, 2020 तक 83.06 करोड़ रु. की बचत हुई। यह बचत ओवर हेड से निकाली गई विद्युत ऊर्जा की न्यूनतम लागत के आधार पर है, अर्थात पावर कार में इंस्टॉल किए डीजी सेट के परिचालन द्वारा उत्पन्न ऊर्जा की लागत है। इस बचत के अतिरिक्त हाई स्पीड डीजल के उपभोग में भी 16,696.843 किलोलीटर की कमी हुई है, जिससे कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में 44,080़मीट्रिक टनकी कमी हुई है और पर्यावरण को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाने में सहायता मिली है।
Published on:
23 Jan 2020 10:42 pm
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