
INS Viraat: आईएनएस विराट को म्यूजियम में तब्दील करने का मामला अदालत में पहुंचा
अहमदाबाद. कभी भारतीय नौसेना की शान रहे युद्धपोत आईएनएस विराट को तोड़े जाने से बचाकर इसे म्यूजियम में तब्दील करने का मामला अब अदालत में पहुंचा है। मुंबई की फर्म ने इस संबंध में बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की संभावना है। फिलहाल यह युद्धपोत तोड़े जाने के लिए गुजरात में भावनगर जिले के अलंग में दुनिया के सबसे बड़े शिप ब्रेकिंग यार्ड से कुछ दूरी पर स्थित है। मुंबई की जिस कंपनी ने इसे म्यूजियम बनाने के लिए खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी उसे अब तक केंद्र सरकार से एनओसी नहीं मिल सकी है। श्रीराम ग्रीन शिप रिसाइकिलिंग इंडस्ट्रीज ने इस युद्ध पोत को तोडऩे के लिए खरीदा है।
मुंबई की फर्म एन्विटेक मरीन कंसलटेन्ट्स प्रा. लि. की ओर से दायर याचिका में यह कहा गया है कि आईएनएस विराट सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाला युद्ध पोत है। यह ब्रिटिश नेवी में एचएमएस हर्मिश के रूप में वर्ष 1959 से लेकर 1984 तक अपनी सेवा दे चुका है। इसके बाद इसे भारतीय नौ सेना में शामिल किया गया। यह भारत का सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाला युद्धपोत है। इसलिए इस युद्धपोत की इस तरह अंत नहीं होना चाहिए।
याचिका में यह कहा गया है कि इस युद्धपोत को बड़े हेरिटेज स्थल के रूप में तब्दील किया जाएगा। इसमें नौ सेना और मरीन एविएशन स्थल के रूप में विकसित होगा जिसमें रॉयल नेवी और भारतीय नौ सेना के इतिहास और उपलब्धियों को बताया जाएगा। इसे मल्टी फंक्शनल सेन्टर जिसमे मरीन एडवेंचर होगा। इसके साथ ही करियर डवलपमेन्ट और बिजनेस हब भी होगा। एयरक्राफ्ट एक्जीबिट्स, कन्वेंशन हॉल, रेस्टोरेंट, एक्जीबिशन सेन्टर, पैरेड ग्राउंड भी होंगे। यह प्रोजेक्ट देश के लिए एक नई संपत्ति होगी जिससे पर्यटन क्षेत्र को बल मिलेगा। यह सब कुछ तभी हो सकता है जब रक्षा मंत्रालय से इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिले।
Published on:
02 Nov 2020 10:45 pm
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