
जामनगर. संवेदनशील तटीय क्षेत्रों वाले जामनगर जिले में वन विभाग और पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत मंगलवार देर रात 8 अवैध धार्मिक अतिक्रमण हटाए गए। ये अतिक्रण खिजड़िया पक्षी एवं समुद्री अभयारण्य के पर्यावरण और जैव विविधता के लिए खतरा बताए गए।
जामनगर जिले के पुलिस अधीक्षक प्रेमसुख डेलू ने बताया कि जामनगर का तटीय क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है। यहां एक पक्षी अभयारण्य भी है। जामनगर के तट पर काफी संख्या में धार्मिक अतिक्रमण थे। वन विभाग की टीम ने इन धार्मिक अतिक्रमणों को हटा दिया। इस दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति खराब न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी पुलिस सुरक्षा तैनात की गई।
डेलू ने बताया कि ये धार्मिक अतिक्रमण लैंडिंग पॉइंट जैसे बहुत संवेदनशील स्थानों पर मौजूद थे। अतीत में जामनगर में गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों ने ऐसे धार्मिक स्थलों में शरण ली थी। इसीलिए वन विभाग के सहयोग से इन अतिक्रमणों को हटा दिया गया।
जामनगर के तट पर पिरोटन टापू सहित अन्य टापुओं से पूर्व में अतिक्रमण हटा दिए गए थे। शेष अतिक्रमण मंगलवार रात को हटाए गए। इस बार 8 धार्मिक अतिक्रमण हटाकर करीब 15,000 वर्ग फीट जमीन मुक्त करवाई गई। इनमें कॉजवे दरगाह, काजनशा पीर दरगाह, गाजीपीर दरगाह, नव नाला पीर दरगाह आदि शामिल हैं। यह स्थान एक अभयारण्य है, एक तटीय स्थान है और देश की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण स्थान है।
कड़ी सुरक्षा
कार्रवाई के दौरान एसपी प्रेमसुख डेलू, उपाधीक्षक जयवीरसिंह झाला, एसओजी के पीआई बी.एन. चौधरी, पुुलिस स्टेशनों की टीम ने कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए।
Published on:
21 May 2025 10:01 pm
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