27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गुजरात हाईकोर्ट : जस्टिस कुरैशी बने प्रभारी मुख्य न्यायाधीश

- जस्टिस दवे की नियुक्ति की अधिसूचना जारी करने के कुछ ही घंटों बाद जस्टिस कुरैशी को बनाया एसीजे
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अहमदाबाद

•

image

Uday Kumar Patel

•

Updated: 2 Nov 2018, 10:47 PM IST

Justice Akil Kureshi, Guj HC, Acting CJ

गुजरात हाईकोर्ट : जस्टिस कुरैशी बने प्रभारी मुख्य न्यायाधीश


अहमदाबाद. तेजी से बदले घटनाक्रम में गुजरात उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम जज जस्टिस अकील कुरैशी को गुजरात उच्च न्यायालय का प्रभारी मुख्य न्यायाधीश (एसीजे) नियुक्त किया गया। शुक्रवार सुबह इस संबंध में केन्द्रीय विधि व न्याय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में यह बात कही गई। जबकि एक दिन पहले उन्हें बांबे हाईकोर्ट में तबादले के आदेश पर मुहर लग गई थी। उनके तबादले के विरोध में गुजरात हाईकोर्ट के वकीलों ने शुक्रवार अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया था।
केन्द्र सरकार की ओर से पहली नवम्बर को जारी अधिसूचना का अधिक्रमण (सुपरसेशन) कर 2 नवम्बर को दूसरी अधिसूचना जारी की गई। पहली नवम्बर की अधिसूचना में एक तरफ जहां न्यायाधीश अकील कुरैशी को बांबे हाईकोर्ट का जज के रूप में तबादले का आदेश जारी किया गया था और उन्हें 15 नवम्बर या इससे पहले नया पद संभालने को कहा गया था। वहीं एक अन्य अधिसूचना में गुजरात हाईकोर्ट के जज जस्टिस अनंत एस. दवे को प्रभारी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
केन्द्र सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी ताजी अधिसूचना में कहा गया कि राष्ट्रपति ने जस्टिस कुरैशी को गुजरात हाईकोर्ट का प्रभारी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। जस्टिस कुरैशी गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी की जगह मुख्य न्यायाधीश के पद का प्रभार संभालेेंगे। ज्ञातव्य हो कि जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी को सुप्रीमकोर्ट का जज नियुक्त किया गया और उन्हेंं शुक्रवार को चार अन्य जजों के साथ शपथ भी दिलाई गई।


वकीलों की जारी रही हड़ताल :

उधर, गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन (जीएचएए) ने जस्टिस कुरैशी के बांबे हाईकोर्ट में वरीयता में पांचवे क्रम के जज के रूप में तबादले का विरोध करते हुए शुक्रवार से अनिश्चितकालीन बुलाई थी। शुक्रवार को वकीलों के हड़ताल के कारण हाईकोर्ट में कामकाज नहीं हो सका। एसोसिएशन के अध्यक्ष यतिन ओझा ने कहा कि विरोध यथावत रहेगा और एसोसिएशन की ओर से पारित किए गए प्रस्ताव में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा।