
अहमदाबाद शहर ईओडब्ल्यू की गिरफ्त में आरोपी।
Ahmedabad. गांधीनगर जिले की कलोल तहसील के सांतेज गाम में स्थित वृंदावन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी एक प्लॉट के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे एक करोड़ से ज्यादा कीमत में बेचकर ठगी करने का खुलासा हुआ है। इसमें लिप्त आठ आरोपियों में से चार आरोपियों को शहर की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने पकड़ा है। इस संदर्भ में अशोक पटेल (60) की ओर से क्राइम ब्रांच में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
ईओडब्ल्यू शाखा ने मंगलवार को बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी निपुल शाह, भावेश व्यास, तेजस शाह, धर्मेश पंड्या को गिरफ्तार किया है।मामले के तहत छह जून 2001 को शाहपुर सांकड़ी शेरी दरवाजा का खांचा स्थित मकान के गिरने पर उसमें दबने से जितेंद्र कुमार चंदूलाल शाह का निधन हो गया था। वे सांतेज गाम में वृंदावन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी स्थित प्लॉट के असली मालिक थे।
उनकी जगह नवा वाडज निवासी जितेंद्र कुमार शाह की पत्नी और पुत्र ने उनके पति के नाम के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे एक करोड़ 12 लाख रुपए में अशोक पटेल को बेच दिया।अशोक पटेल की ओर से 23 मई 2026 को क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा कि नवा वाडज वृंदावन फ्लैट निवासी कोकिलाबेन जितेंद्र शाह, निपुल जितेंद्र कुमार शाह ने भावेश व्यास, जॉन उर्फ उल्लासभाई चाको की मदद से इस प्लॉट के मालिकाना हक के फर्जी दस्तावेज व कागजात तैयार कराए। इसमें वृंदावन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के चेयरमैन अशोक ठक्कर एवं सचिव ईश्वर पटेल ने भी उनकी मदद की।
आरोप है कि इस सोसाइटी के प्लॉट के असली मालिक जितेंद्र कुमार चंदूलाल शाह से मिलता नाम होने का फायदा उठाते हुए नवा वाडज निवासी अन्य जितेंद्र कुमार शाह की पत्नी और पुत्र ने आर्थिक लाभ के लिए ऐसा काम किया। प्लॉट को लेने वाले अशोक शाह जब प्लॉट के शेयर सर्टिफिकेट में उनका नाम दर्ज कराने पहुंचे। वहां उन्हें मालूम हुआ कि यह प्लॉट शाहपुर निवासी रहे जितेंद्र शाह का है ना कि नवा वाडज निवासी जितेंद्र शाह का। नवा वाडज निवासी जितेंद्र शाह का निधन 2020 में हुआ था। जबकि असली मालिक जितेंद्र शाह का निधन 2001 में ही हो गया था।
Published on:
26 May 2026 10:38 pm
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