
खेड़ा जिले की मातर तहसील के रतनपुर गांव में 140 लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत का मामला सामने आया है। 3 लोगों की शंकास्पद मौत बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की 11 टीमों ने सर्वे शुरू किया है।
रतनपुर गांव में दो दिन से उल्टी-दस्त के मामले सामने आ रहे हैं। पानीजन्य बीमारी बढ़ने पर मातर तहसील के स्वास्थ्य विभाग की 11 टीमों ने घरों में सर्वे शुरू किया। असरग्रस्तों के घरों में ओआरएस के पैकेट सहित क्लोरीनयुक्त पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
गांव के 140 लोगों को अब तक उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद खेड़ा के सिविल अस्पताल में और कुछ को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उल्टी-दस्त के कारण का फिलहाल पता नहीं चला है। प्राथमिक तौर पर पता लगा कि गांव में दूषित पानी पीने से लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को मातर के विधायक कल्पेश परमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सोमवार को सूचना मिलने पर आवश्यक जानकारी ली। मंगलवार को तहसीलदार, प्रांत अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचा। गांव में 4 नलकूप व 1 आर ओ के पानी के नमूने लिए हैं। उल्टी-दस्त से 2 लोगों की मौत हुई।
गांव में फिलहाल प्रशासक नियुक्त है। पूर्व सरपंच फिरोज खान ने बताया कि दो दिन से उल्टी-दस्त की शिकायत आ रही है। तलाटी व ग्रामीणों ने गांव में जांच की, लेकिन पानी की पाइप लाइन में रिसाव नहीं मिला। गांव के 80 फीसदी लोग बाहर के नलकूप, आरओ का पानी पीते हैं, ऐसे लोगों सहित 140 लोग उल्टी-दस्त के शिकार हुए हैं। गांव के 3 लोगों की शंकास्पद मौत हुई है। पानी की समस्या नहीं है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी ए ध्रुव ने बताया कि िस्थति नियंत्रण में है। पानी के कारण बीमारी फैली है। वर्तमान में गांव में सर्वे का काम चल रहा है। 24 घंटे उपचार उपलब्ध कराने के प्रयास गांव में शुरू किए हैं। खेड़ा के सिविल अस्पताल में एक व्यक्ति की मौत उल्टी-दस्त से हुई है, वह मधुमेह पीडि़त भी था। अन्य दो लोगों की मौत के बारे में समाचार मिले हैं, जांच जारी है। गांव में अब तक उल्टी-दस्त के 200 मामले सामने आए हैं।
Published on:
18 Jun 2024 10:36 pm
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