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उमिया धाम में लक्षचंडी महायज्ञ शुरू, कई रिकॉर्ड बनने की उम्मीद

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उमिया धाम में लक्षचंडी महायज्ञ शुरू, कई रिकॉर्ड बनने की उम्मीद

उमिया धाम में लक्षचंडी महायज्ञ शुरू, कई रिकॉर्ड बनने की उम्मीद

महेसाणा. जिले के ऊंझा स्थित उमिया धाम में बुधवार को भक्तिभाव के साथ लक्षचंडी यक्ष शुरू हो गया। कडवा पाटीदार कुलदेवी श्री उमिया माताजी संस्थान की ओर से ऊंझा स्थित उमिया धाम के उमिया नगर में 22 दिसम्बर तक चलने वाले इस महायज्ञ में अनेक रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है।


उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने हवन का प्रारंभ कराया। शाम को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी पहुंचे और यज्ञशाला के दर्शन किए। द्वारकापीठ के जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के सान्निध्य में धर्मसभा आयोजित की गई। इसमें उमिया माताजी संस्थान के अध्यक्ष मणिभाई, मंत्री दिलीपभाई, प्रोजेक्ट अध्यक्ष महेन्द्र पटेल, यज्ञ के मुख्य आयोजक गोविंद पटेल, एपीएमसी के अध्यक्ष दिनेश पटेल आदि ने स्वागत कर आशीर्वाद लिया।

अस्थायी तीन अस्पताल कार्यरत

महोत्सव के दौरान स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए अस्थायी स्तर पर तीन अस्पताल कार्यरत किए गए हैं। साथ ही फायर सेफ्टी सहित की सुविधा उपलब्ध की गई है। लक्षचंडी महोत्सव के अध्यक्ष एम. एस. पटेल ने बताया कि इस महोत्सव में अनेक रिकॉर्ड बनेंगे।

यह व्यवस्था की गई


८०० बीघे जमीन में महोत्सव के लिए उमियानगर बनाया गया है। २४ बीघे जमीन में ५१ शक्तिपीठों के प्रतिक मंदिर में मूर्तियां स्थापित की गई है। २५ बीघे जमीन में ८१ फीट ऊंची यज्ञशाला, जिसमें एकसाथ ३५०० भक्त बैठ सकेंगे। ७० बीघे जमीन में अन्नपूर्णा भोजनालय, जहां एक साथ ५ हजार भक्त भोजन कर सकतेहैं। २० बीघे में सांस्कृतिक कार्यक्रम, ५०० बीघे में वाहन पार्किंग व्यवस्था, १८ बीघे में बालकों के लिए बालनगरी, २० बीघे में साइंस एवं टेक्नोलॉजी व धर्मसभा स्थल, २५ बीघे में औद्योगिक प्रदर्शनी, १६०० स्वयं सेवक सेवारत, ३० फीट ऊंचे गरबा गब्बर की रचना की गई, जिसमें ३डी टेक्नोलॉजी से मां उमिया प्रगट होंगी। ५ हजार पुलिसकर्मी सिक्युरिटी के लिए राउंड क्लॉक तैनात रहेंगे। ४० स्थलों पर पीने के पानी की व्यवस्था की गई है।