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Ahmedabad : गुजरात में सौराष्ट्र रीजन के बांधों में 25 फीसदी से भी कम पानी

-दक्षिण गुजरात रीजन में बेहतर स्थिति -सरदार सरोवर बांध में क्षमता के मुकाबले करीब 51 फीसदी पानी है जमा

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Ahmedabad : गुजरात में सौराष्ट्र रीजन के बांधों में 25 फीसदी से भी कम पानी

Ahmedabad : गुजरात में सौराष्ट्र रीजन के बांधों में 25 फीसदी से भी कम पानी

अहमदाबाद. गुजरात में मानसून आने में अभी समय है। रीजन के आधार पर बांधों की स्थिति पर नजर डाली जाए तो सबसे कमजोर स्थिति सौराष्ट्र रीजन की है। इस रीजन में सबसे अधिक 141 बांध हैं, लेकिन इनमें महज 640.84 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी ही रहा है। यह संग्रह कुल क्षमता 2588.59 एमसीएम के मुकाबले 24.76 फीसदी ही है। हालांकि सबसे बेहतर स्थिति दक्षिण गुजरात रीजन के बांधों की है, जहां क्षमता के मुकाबले 52.12 फीसदी पानी अभी भी बचा हुआ है। ऐसे में सौराष्ट्र में पीने के पानी की समस्या हो सकती है, लेकिन बीते कुछ दिनों से मावठ के चलते यह समस्या भी नहीं रहे ऐसी स्थिति है।

गुजरात में सरदार सरोवर (नर्मदा) समेत प्रमुख 207 बांधों में 25265.84 एमसीएम जल संग्रह की क्षमता है। फिलहाल इनमें 11677.43 एमसीएम पानी उपलब्ध है, जो 46.22 फीसदी है। कुल बांधों में से सौराष्ट्र रीजन में 141 हैं लेकिन इनमें क्षमता के अनुरूप जल संग्रह एक चौथाई से भी कम रह गया है।

दक्षिण गुजरात रीजन में कुल 13 बांधों में 8624.78 एमसीएम की क्षमता है, इसके मुकाबले फिलहाल 4495.08 एमसीएम पानी उपलब्ध है। मध्य गुजरात में 17 बांध हैं। इनमें 2331.01 एमसीएम जल संग्रह की क्षमता है और हाल में 907.61 एमसीएम जल संग्रह रह गया जो 38.94 फीसदी है। उत्तर गुजरात रीजन के कुल 15 बांधों में 1929.29 एमसीएम के मुकाबले 726.30 एमसीएम जल संग्रह है। यह क्षमता का 37.65 फीसदी है। इसी तरह कच्छ रीजन के 20 बांधों में 332.27 एमएसीएम क्षमता के मुकाबले 122.44 एमसीएम जल संग्रह शेष है जो महज 33.84 फीसदी है।

नर्मदा बांध में जल संग्रह की बेहतर स्थिति

गुजरात के सबसे विशाल नर्मदा बांध में फिलहाल जल संग्रह की स्थिति बेहतर है। 138.68 मीटर ऊंचाई वाले इस बांध का जलस्तर फिलहाल 119.14 मीटर पर है। बांध में कुल संग्रह की क्षमता 9460.00 एमसीएम है और हाल में 4795.16 एमसीएम उपलब्ध है जो, 50.69 फीसदी है।

21 बांधों में एक फीसदी भी नहीं जल संग्रह, नौ में शून्य फीसदी

राज्य के 21 बांधों में क्षमता का एक फीसदी भी जलसंग्रह नहीं रहा है। इनमें से नौ बांधों में बिल्कुल पानी नहीं रहा है। कमजोर जलसंग्रह वाले इन बांधों में दो बांध कच्छ के हैं और 19 सौराष्ट्र रीजन के हैं।

मच्छू-3 बांध हाई अलर्ट

सौराष्ट्र के मोरबी जिले के मच्छू-3 बांध में क्षमता का 98.26 फीसदी जल संग्रह है। यह बांध हाईअलर्ट मोड पर है। सुरेंद्रनगर का धोलीधजा बांध, कच्छ का कालाघोड़ा और टप्पर बांध अलर्ट मोड पर हैं, इनमें क्षमता का 80 फीसदी से अधिक संग्रह है। राज्य के चार बांधों में 70 से लेकर 80 फीसदी तक जल संग्रह होने से वार्निंग के रूप में दर्शाए गए हैं।