
Madha gang busted as 'Naga Baba' busted
अहमदाबाद।नागा बाबा बनकर लोगों को आस्था के बहाने से विश्वास में लेकर चपत लगाने वाले मदारी गिरोह का अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए इनके पास से उपयोग में ली गईं तीन कार, ठगी गईं चार सोने की चेन, चार अंगूठियां, रुद्राक्ष की माला जब्त की है।
एक साल में गिरोह ने गुजरात व राजस्थान में करीब ५५-६० लोगों को ठगने का आरोप कबूला है। इसमें से गुजरात में चार मामले दर्ज मिले हैं। जिसमें से दो अहमदाबाद में दर्ज हैं।
एसीपी सी.एन.राजपूत ने बताया कि पकड़े गए आरोपी गांधीनगर जिले की दहेगाम तहसील के गणेशपुरा गांव के मदारीवास के रहने वाले हैं।
इनमें संजयनाथ मदारी (27), चंदननाथ मदारी (३०), अकबर मदारी (24), वनराज उर्फ वनियो मदारी (२१), रणछोड मदारी (२५), अरजण मदारी (१९) व अहमदाबाद जिले की दस्क्रोई तहसील के फीपलज गांव निवासी नरेश उर्फ आचियो मदारी (२५) शामिल हैं। गिरोह के सदस्य कभी दो तो कभी तीन कभी चार कारों में चलते थे। एक में बाबा बैठता। दूसरे में अन्य सदस्य उसके पीछे बैठते ताकि कोई विवाद होने पर बीच बचाव करके फरार हो सकें। इसमें से कुछ कारें इनके नाम पर भी होने की बात सामने आई है।
अजमेर-पुष्कर में सात को ठगा
क्राइम ब्रांच के एसीपी सी.एन.राजपूत ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने ने बीते डेढ़ महीने में राजस्थान के अजमेर व पुष्कर शहर में भी इसी प्रकार की मोडस ऑपरेन्डी के जरिए पांच से सात लोगों को चपत लगाने का आरोप कबूला है। इस मामले में पुष्कर व अजमेर पुलिस से भी जानकारी मांगी है।
पूर्व पुलिसकर्मी, डॉक्टर को भी लगाई चपत
अहमदाबाद के एलिसब्रिज में डॉक्टर व उसके मित्र को जबकि विसनगर में पूर्व सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (एएसआई) को भी यह गिरोह चपत लगा चुका है। गिरोह का मुख्य सरगना चंदननाथ मदारी (३०) है। यह कार में नागा बाबा बनकर शरीर पर भभूत लगाकर, हड्डियों, रुद्राक्ष की माला पहनकर कार में पीछे की सीट पर बैठता।
कभी कार में तीन तो कभी चार लोग इसके साथ बैठते। यह सोसायटियों के पास से गुजरने वाले ऐसे युवकों को रोकते जिन्होंने सोने की चेन व अंगूठी पहनी हो। उनके पास कार रोककर उसे पास बुलाते, किसी भी सोसायटी का पता पूछते।
बाबा बैठे हैं आशीर्वाद ले लो...!
युवक इनके पास आकर पता बताता या फिर आगे पूछने का कहता तो ड्राइवर कहता कि पूछे कहते जाने-माने नागा बाबा बैठे हैं। आशीर्वाद ले लो। इसी दौरान पीछे का शीशा खोलकर बाबा कहते कि बेटा तेरे चेहरे पर काफी तेज है। लेकिन कुछ रोक रहा है। घर में कलह है। पहले एक रुपया, फिर दस रुपया मांगता व्यक्ति देता तो कहते कि वह उसकी परीक्षा ले रहा था। इसके बाद अपने पास से कोई नशीला पदार्थ या फिर सेंट उसके हाथ में लगाता देता।
खुश्बू आने की पूछता। जैसे व्यक्ति हाथ को सूंघता अपनी सुधबुध खो बैठता। फिर बाबा उसके पास से सोने की चेन, अंगूठी मांगता, व्यक्ति को लगता कि परीक्षा ले रहे हैं। जैसे ही वह चेन व अंगूठी देता बाबा कार लेकर फरार हो जाता। जो थोड़े होशियार होते उनके गले से सोने की चेन छीनकर भी फरार हो जाते थे। लोगों का विश्वास जीतने के लिए यह अपने पास अपने नागा बाबा होने की कुछ तस्वीरें भी रखते।
Published on:
03 Nov 2017 08:50 pm
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