AMC office: मालधारी समाज(Maldhari community) में काफी आक्रोश देखा जा रहा है आज बड़ी संख्या में इस समुदाय के लोग अहमदाबाद नगर निगम(AMC) के दानापीठ कार्यालय पहुंचे हैं। गाय न रखने और आवारा गायों पर पूरा जुर्माना लगाने समेत कई अन्य मांगों को लेकर आज मालधारियों ने अहमदाबाद नगर निगम के सामने धरना दिया।
आवारा मवेशी नियंत्रण नीति के तहत लाइसेंस और परमिट के लिए दस्तावेजित परिसर अनिवार्य है। चरवाहों की मांग है कि जिस परिसर में वे अपने मवेशियों को रखते हैं, उसके लाइट बिल और टैक्स बिल के आधार पर उन्हें लाइसेंस और परमिट जारी किए जाएं।
उनके मुताबिक पूर्व में नगर निगम पशु पंजीकरण के नाम पर 200 रुपये प्रति पशु के हिसाब से करोड़ों रुपये वसूलता था।
कैटल कैचिंग पार्टी के प्रमुख को दी गई याचिका
मेयर प्रतिभा जैन (Mayor) के मौजूद नहीं होने के कारण उन्होंने कैटल कैचिंग पार्टी (CNCD) डिवीजन के प्रमुख नरेश राजपूत को अपनी याचिका सौंपी। इसके साथ ही उन्होंने धमकी दी है कि अगर कुछ समय में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे मुख्यमंत्री के घर का घेराव करेंगे। तभी नरेश राजपूत द्वारा मालधारियों को आश्वासन दिया गया कि उनकी बात को उच्च अधिकारियों व अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा। निगम कार्यालय में बड़ी संख्या में लोग पहुंचने के कारण करंज थाने का काफिला दानापीठ कार्यालय में आया था।
मालधारी एकता समिति एवं पशुपालन बचाओ समिति के अध्यक्ष नागजी देसाई ने गौचर की बेशकीमती जमीन को खाली कराने की मांग करते हुए कहा कि पशुपालकों को टैक्स बिल या लाइट बिल के आधार पर पशुओं को रखने का लाइसेंस दिया जाना चाहिए ताकि वे जानवरों को अपने घरों या अपार्टमेंट में रख सकते हैं । पंजीकरणों को वैध रखें या पहुंच के आधार पर चरवाहों को करोड़ों रुपये लौटाने चाहिए। साथ ही सड़क पर आने वाले जानवरों को बक्से में सबूत तलाशना चाहिए।
एक सप्ताह में मांग पूरी नहीं होने पर सीएम आवास पर धावा बोलने की धमकी
मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की धमकी देते हुए उन्होंने आगे कहा कि अगर मंगलवार तक मांग पूरी नहीं हुई तो हम मेयर प्रतिभा जैन के घर या मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के घर का घेराव करेंगे।
गांवों को दिनोंदिन शहरों में मिलाना बंद करें या पशुपालकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करें। वर्ष 2021 में रातों-रात अहमदाबाद शहर में विलीन हुए 34 गांवों को शहर से मुक्त किया जाना चाहिए या इसकी गौचर भूमि को जनता के लिए खोल दिया जाना चाहिए, मवेशियों के चरने के लिए खुला रखा जाना चाहिए।