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जेल से छूटते ही छबील के साथ मिलकर मनीषा ने रची साजिश

छबील की थी राजनीतिक रंजिश तो, आर्थिक लेनदेन में बिगड़े थे मनीषा से रिश्ते  

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Manisha goswami

जेल से छूटते ही छबील के साथ मिलकर मनीषा ने रची साजिश

अहमदाबाद. अबडासा से पूर्व विधायक जयंती भानुशाली की हत्या की साजिश उन्हीं की पूर्व महिला मित्र मनीषा गोस्वामी ने जेल से छूटते ही पूर्व विधायक छबील पटेल के साथ मिलकर रची थी।
एक समय जयंती के नजदीक मानी जाने वाली मनीषा के साथ आर्थिक लेन-देन को लेकर जयंती के रिश्ते बिगड़े, जिसके बाद फरवरी-२०१८ में मनीषा ने जयंती के भतीजे सुनील को शाहीबाग बुलाकर उस पर स्प्रे डालकर उसकी एक महिला के साथ अश्लील वीडियो क्लिप बना ली थी। मनीषा सुनील से १० करोड़ की मांग करने लगी। ५५ लाख ले भी लिए, फिर भी मांग जारी रहने पर सुनील ने अप्रेल २०१८ में मनीषा सहित पांच लोगों विरुद्ध नरोडा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
सीआईडी क्राइम के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अजय तोमर ने बताया कि मनीषा को १० जून से लेकर तीन अगस्त २०१८ के दौरान न्यायिक हिरासत में जेल में रहना पड़ा। २४ जून को मनीषा के विरुद्ध नरोडा थाने में दूसरी प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी।
एक समय जयंती की नजदीकी रहने के बावजूद भी मनीषा को जेल जाना पड़ा जिसके चलते वह जयंती से काफी नाराज थी। मनीषा को जेल से बाहर निकालने में जयंती के राजनीतिक प्रतिद्वंदी अबडासा से ही पूर्व विधायक छबील पटेल और सुरजीत भाऊ ने मदद की। जेल से बाहर निकलते ही मनीषा छबील के ज्यादा संपर्क में आई।
तोमर ने बताया कि हत्या की साजिश के लिए पहली बैठक नवंबर २०१८ में पूणे में हुई। जिसमें मनीषा, छबील और सुरजीत व उसके साथी उपस्थित थे। इसके बाद डिटेल में प्लानिंग बनाते हुए छबील, मनीषा, सुरजीत ने यरवड़ा के शार्पशूटर शशिकांत कांबले, जिस पर 15 मामले दर्ज हंै, उसका संपर्क किया। कांबले ने उसके साथी अशरफ शेख को साथ ले लिया। २५ दिसंबर को छबील पटेल शशिकांत को लेकर उसके भुज के पास रेलडी में स्थित नारायणी फार्म हाऊस पहुंचा। वहां उसे ठहराया। ३१ दिसंबर २०१८ को शशिकांत के अन्य साथी भी इस फार्म हाऊस में पहुंचे।

छबील मस्कट तो मनीषा कच्छ में मौजूद
पूरा षडयंत्र रच जाने के बाद छबील पटेल दो जनवरी २०१९ को मस्कट के लिए रवाना हो गया, जबकि मनीषा गोस्वामी तीन जनवरी से लेकर छह जनवरी तक कच्छ के भुज में ही रही। यहां उसने शार्पशूटरों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई। साथ ही जयंती की गतिविधि पर नजर रखकर उससे अवगत कराया। जिसके बाद जयंतीभाई जब सात जनवरी २०१९ को भुज से अहमदाबाद सयाजीनगरी एक्सप्रेस से लौट रहे थे। उसी दौरान हत्या को अंजाम देना तय किया।