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विदेशी पक्षियों को बसेरा बना वढवाणा तालाब

migrate bird, lake, gujarat news: दिसम्बर में साठ हजार पक्षी पहुंचे

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विदेशी पक्षियों को बसेरा बना वढवाणा तालाब

विदेशी पक्षियों को बसेरा बना वढवाणा तालाब

गांधीनगर. वडोदरा जिले की डभोई तहसील का वढवाणा पक्षी अभ्यारण्य इन दिनों 135 प्रजाति के पक्षियों का बसेरा बना है, जिसमें 35 प्रजाति के विदेशी पक्षी भी हैं। 630 हेक्टेयर में फैले इस तालाब में हजारों किलोमीटर दूर से विदेशी पक्षी यहां आते हैं, जो उनके लिए अनोखी और सुरक्षित स्थल माना जाता है। वहीं 35 प्रजाति के विदेशी पक्षी भी हैं, जो अलग-अलग देशों से यहां आते हैं। सर्दी के मौसम में इन पक्षियों के लिए बेहतर माना जाता है। यह पक्षी अभ्यारण्य इन दिनों से सैलानियों को भी आकर्षित कर रहा है।

यूं तो करीब 100 वर्ष पहले वडोदरा के पूर्व महाराजा सयाजीराव गायकवाड तृतीय ने सिंचाई व्यवस्था के लिए इस तालाब का निर्माण कराया था, लेकिन अब यह तालाब विदेशी पक्षियों और सैलानियों के लिए पर्यटन स्थल बन चुका है। डभोई शहर के नांदोदी दरवाजा से सखेडा जानेवाले मार्ग से गुजरते हुए पक्षियों का कलरव नजर आता है, उसके नजदीकी यह तालाब नजर आ जाएगा। यह देश का अहम जलप्लावित क्षेत्र (वैटलैण्ड) है। नवम्बर में सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ फरवरी या मार्च तक यहां विदेशी और स्थानीय पक्षियों का कलरव बना रहता है। यहां हंस, बतक, बगुला अटखेलियां करते नजर आते हैं।

हिमालय के मान सरोवर से राजहंसों की झुंड और अफ्रीका एवं सिंघ प्रांत से हंसों का झुंड़ आता है। मध्य एशिया से गुलाबी पेण, सिंघ प्रांत से शिकार पक्षी भी यहां आते हैं। सुबह के वक्त पक्षियों का नजारा देखा जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के मुताबिक अमृत सरोवर बने इस तालाब में अलग-अलग पक्षियों का कलरव सुनाई देता है। कई पक्षी ब्रीडिंग करते हैं तो कई पक्षी अपने बच्चों को संघर्ष का पाठ पढ़ाते नजर आते हैं।