
भुज. कच्छ जिले के गांधीधाम में वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने वाइब्रेंट कच्छ जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। इसमें कुल 334 एमएसएमई इकाइयों के साथ 8500 करोड़ रुपए के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
मोढवाडिया ने कहा कि जिला स्तरीय कार्यक्रम उद्यमियों नई ऊर्जा प्रदान करेगा। कच्छ की जनता ने अनेक प्राकृतिक आपदाओं की पीड़ा झेलकर आज कच्छ को विकास का केन्द्र बनाया है। एक समय पानी, रोजगार आदि मुद्दों से पीड़ित कच्छ आज अन्य राज्यों के लोगों को रोजगार दे रहा है। टूरिज्म, खेती तथा औद्योगिक विकास में अग्रसर बना है। कच्छ नवीकरणीय ऊर्जा का हब बनने के साथ देश का 40 प्रतिशत कार्गो हैंडल कर रहा है। आगामी समय में कच्छ इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट के पीसीबी के निर्माण, ग्रीन हाइड्रोजन, डेटा सेंटर, ब्लू इकोनॉमी आदि क्षेत्रों के विकास का मुख्य केन्द्र बन सकता है। उन्होंने निवेशकों से अपील की कि वे इन क्षेत्रों में जुड़ें। उन्होंने कच्छ में वर्ल्ड क्लास नर्सरी बनाने, ग्रीन कवर बढ़ाने के अभियान में उद्योगों से जुड़ने की भी अपील की।
कच्छ में हो रहा रिवर्स माइग्रेशन : छांगा
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री त्रिकम छांगा ने कहा कि ढांचागत सुविधाएं बढ़ने, औद्योगिक विकास, टेक्नोलॉजी से युक्त बंदरगाहों का विकास होने से कच्छ में रिवर्स माइग्रेशन हो रहा है।
कच्छ के सांसद विनोद चावड़ा ने कहा कि कच्छ गुजरात का एक मात्र जिला है, जिसे रण (रेगिस्तान), समुद्र तथा पर्वत का त्रिवेणी संगम मिला है।
दीनदयाल पोर्ट के चेयरमैन एस.के. सिंह ने निवेशकों से कच्छ में ग्रीन हाइड्रोजन पार्क से जुड़ने की अपील की। कलक्टर आनंद पटेल, गांधीधाम चैम्बर्स के अध्यक्ष महेश पुंज, कच्छ मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजा कानगड, उद्योगपतियों ने भी विचार व्यक्त किए।
Published on:
03 Jan 2026 10:14 pm
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