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Gandhinagar news: गब्बर पर्वत से पर्वत पवित्रता अभियान का आरंभ

navratri, cleaness, compaign, environment conservation, gandhinagar: नवरात्रि से पहले पावागढ़ और गिरनार पर्वतों पर भी सफाई कार्य होगा शुरू

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Gandhinagar news: गब्बर पर्वत से पर्वत पवित्रता अभियान का आरंभ

Gandhinagar news: गब्बर पर्वत से पर्वत पवित्रता अभियान का आरंभ

पालनपुर. गांधीनगर. पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम उठाते हुए गुजरात के यात्राधाम वाले पर्वतों पर स्वच्छता अभियान चलाने को मंज़ूरी दी है। इन तीर्थ स्थलों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड ने मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के समक्ष धार्मिक यात्राधामों से युक्त पर्वतों की पवित्रता बनाए रखने के लिए वहां स्वच्छता अभियान चलाने का प्रस्ताव किया था। इसे मुख्यमंत्री ने मंज़ूरी दी है। बोर्ड ने अंबाजी में शुक्रवार से प्रारंभ होने वाले भाद्रपदी पूर्णिमा मेले से पहले गब्बर पर्वत पर ‘पर्वत पवित्रता अभियान’ प्रारंभ कर दिया है। नवरात्रि के प्रारंभ होने से पहले पावागढ और गिरनार पर्वतों पर भी बड़े पैमाने पर सफ़ाई कार्य शुरू किया जाएगा।

यात्राधाम बोर्ड के सचिव आर. आर. रावल ने कहा कि काफी समय से प्रतीत हो रहा था कि अंबाजी, पावागढ स्थित महाकाली मंदिर तथा गिरनार तीर्थ जैसे तीर्थधाम अरावली, पावागढ और गिरनार पर्वतों पर होने के कारण इन पवित्र तीर्थधाम परिसरों की सफाई संभव नहीं हो पाती थी। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की ओर से मंदिर के चौक से कूड़ा-कचरा सीधे पर्वतीय घाटी में फेंक दिया जाता है। पर्वतों पर इस प्रकार गंदगी होने के कारण पर्यावरण को भी हानि पहुंचती है। साथ ही पर्वतों की पवित्रता के साथ ही सम्बद्ध तीर्थस्थान की शोभा के विरुद्ध छवि उत्पन्न होती है।बोर्ड ने पहली बार पर्वतीय पवित्र तीर्थधाम परिसरों की स्वच्छता तथा आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में कूड़ा-गंदगी साफ़ करने का स्वच्छता अभियान शुरू करने का नूतन प्रयोग प्रारंभ किया है।

8 यात्राधामों में उच्च स्तरीय स्वच्छता कार्य

यात्राधाम बोर्ड राज्य के आठ महत्वपूर्ण यात्राधामों-अंबाजी, शामलाजी, डाकोर, पावागढ, सोमनाथ, द्वारका, पालीताणा तथा जूनागढ-गिरनार तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में अप्रेल-2017 से उच्च स्तरीय स्वच्छता अभियान शुरू किया गया था। अभियान के अंतर्गत इन आठ यात्राधामों में मंदिर परिसर ही नहीं, बल्कि मंदिर को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों, बाज़ार क्षेत्र, गब्बर पर्वत, वॉक-वे और जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं, उन क्षेत्रों में उच्च स्तरीय स्वच्छता कार्य किया जाता है।

अत्याधुनिक स्वच्छता संसाधन, 1500 से अधिक कर्मीराज्य के इन महत्वपूर्ण यात्राधामों में उच्च स्तरीय स्वच्छता कार्य के लिए अत्याधुनिक स्वच्छता संसाधनों का उपयोग किया जाता है। इन यात्राधामों में हर 800 वर्ग मीटर पर 1 डस्टबीन सहित कुल 1526 डस्टबीनों तथा हर 1500 वर्ग मीटर पर 1 सफ़ाई कर्मी सहित 1526 कर्मियों की व्यवस्था की गई है। हर यात्राधाम में 4 साइन बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें श्रद्धालू सफ़ाई को लेकर बोर्ड के कार्यालय के व्हॉट्सएप या ई-मेल आईडी पर शिकायत कर सकते हैं।