
Satvik food festival
अहमदाबाद. पारंपरिक, स्वास्थ्य वर्धक व्यंजनों के उत्सव सात्विक फूड फेस्टिवल में नोटबंदी का असर देखने को नहीं मिला। देशभर से आए किसानों व पारंपरिक व्यंजन बहाने में माहिर लोग अपने उत्पाद को बेचने के बाद उसका पैसा पेटीएम व अन्य एप्लीकेशन के माध्यम से स्वीकारते दिखाई दिए। कई स्टॉलों पर पीओएस मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
सृष्टि के सचिव रमेश पटेल ने बताया कि 26 दिसंबर तक चलने वाले इस उत्सव की इस साल की विशेषता ये है कि विगत वर्षों से करीब दो गुनी जगह में इस वर्ष इसका आयोजन एईएस मैदान पर किया गया है। जम्मू कश्मीर, नागालैंड से लेकर प्रदेश के करीब सभी राज्यों से किसान व पारंपरिक व्यंजन के माहिर लोग यहां पहुंचे हैं। 150 स्टॉल लगाए गए हैं, जिसमें 75 स्टॉल पारंपरिक व्यंजनों से जुड़े हैं, जबकि 75 विभिन्न उत्पादों से जुड़े हंै। 50 फीसदी उत्पाद के स्टॉल राज्य से बाहरी प्रदेशों से आए किसानों को आवंटित किए गए हैं। किसी भी कॉमर्शियल ब्रांड का स्टॉल नहीं लगाया गया है ताकि पारंपरिक व्यंजन व प्रगतिशील किसानों को अपने उत्पाद को बेचने और उससे लोगों को अवगत कराने का मौका मिले। रमेशभाई ने बताया कि नोटबंदी का कोई असर नहीं है। जिनके पास एड्रॉइड मोबाइल फोन हैं उन्हें पेटीएम के लोगों की मदद से पेटीएम के जरिए पेमेन्ट की सुविधा सुनिश्चित कराई गई है। अन्य एप्लीकेशन भी सिखाए हैं। पीओएस मशीन भी लगाई है साथ ही नकदी के जरिए भी उत्पाद बेचे जा रहे हैं।
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