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गिरनार पर्वत पर भी होंगे शेर दर्शन

-एशियाई शेरों के संरक्षण को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा

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Now, Tourist can see Asiatic Lions at Mount Girnar

गिरनार पर्वत पर भी होंगे शेर दर्शन

गांधीनगर. राज्य सरकार ने एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए कई निर्णय लिए हैं। मुख्यंमत्री विजय रूपाणी की अध्यक्षता में आयोजित इस समीक्षा बैठक में राज्य में एशियाई शेरों के संरक्षण को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इनमें शेरों के दीर्घकालीन संरक्षण, सिंहों से जुड़े गैरकानूनी गतिविधियों, गैरकानूनी शेर दर्शन, शेरों के पीछे वाहन दौड़ाकर परेशान करने, गैरकानूनी रूप से वीडियो उतारने के साथ-साथ शेरों के संरक्षण के लिए आधारभूत सुविधाओं व अन्य सुविधाएं विकसित करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
मंत्री के मुताबिक गिरनार पर्वत के अभ्यारण्य में भी शेर हैं। इसलिए यहां भी शेर दर्शन आरंभ किया जाएगा। देवळिया सफारी पार्क में पर्यटकों के लिए फिलहाल मिनी बस की सुविधा उपलब्ध है। मिनी बस के अलावा जिप्सी में भी घूमने की मंजूरी मिलेगी। सासण सहित आंबरडी में आधारभूत सुविधाओं व पर्यटकों के लिए ज्यादा सुविधा के लिए पर्यटन विभाग की ओर से 3.30 करोड़ के विकास कार्य जल्द ही पूरे होंगे।

शेर दर्शन के लिए परमिट की संख्या बढ़ेगी

सासण में शेर दर्शन के लिए दी जाने वाली परमिट की संख्या शनिवार व रविवार को 50 से बढ़ाकर 60 तथा अन्य दिनों में 30 से बढ़ाकर 50 की जाएगी। अभ्याण्य में जाने वाली जिप्सी की संख्या एक सप्ताह में 750 से बढ़ाकर 1110 की जाएगी। एक जिप्सी में कुल 6 पर्यटक बैठते हैं। इसलिए अभ्यारण्य में शेर दर्शन के लिए जाने वाले पर्यटकों की अधिकतम संख्या एक सप्ताह में 4500 से बढ़ाकर 6660 की जाएगी।

सासण की तरह चीखलकुबा बनेगा नया पर्यटन जोन

गिर अभ्यारण्य के पूर्व इलाके में अमरेली जिले के चीखलकुबा में सासण की तरह नया पर्यटन जोन विकसित किया जाएगा। राज्य स्तर पर वन मंत्री की अध्यक्षता में शेरों के संरक्षण के लिए स्टीयरिंग कमिटी तथा जिला स्तर पर कलक्टर की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग कमिटी का गठन किया जाएगा।

पर्यटकों के लिए नए रूट

सासण पर्यटन जोन में पर्यटकों के लिए फिलहाल 10 रूट हैं। इनमें पर्यटकों की सुुविधा बढ़ाए जाने तथा ज्यादा पर्यटकों के लिए नए रूट शामिल किए जाएंगे। इसके लिए कितने नए इलाके और कितने नए रूट खोले जा सकते हैं, इसका तकनीकी अध्ययन किया जाएगा।