
गांधीनगर में अन्नपूर्ति एटीएम से अनाज वितरण की प्रक्रिया को देखते केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह व अन्य।
Ahmedabad. केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर से सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) आधारित सार्वजनिक वितरण व्यवस्था (पीडीएस) का आगाज किया। ऐसा करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य बना है। राशनकार्ड धारकों को एटीएम से अनाज वितरण की पहल का भी गुजरात से शुभारंभ हुआ है, जल्द ही यह व्यवस्था देश भर में लागू होगी।
केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी सहित कई गणमान्य इस दौरान उपस्थित रहे।
केन्द्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि डिजिटल इंडिया, देश के गरीबों को सस्ता अनाज देने के क्षेत्र में पदार्पण कर रहा है। इस पद्धति से गरीबों को राशन देने के सिस्टम से भ्रष्टाचार पूरी तरह खत्म हो जाएगा। अब डिजिटल तरीके से गरीबों को सीधे अनाज मिलने की व्यवस्था होगी, यह कदम पारदर्शी वितरण प्रणाली सुनिश्चित करेगा।
शाह ने सीबीडीसी आधारित पीडीएस व्यवस्था और अनाज एटीएम के मामले में कहा कि यह वितरण प्रणाली सुरक्षित, पारदर्शी तरीके से गरीबों के अधिकार की सुरक्षा का माध्यम बनेगी। बिचौलियों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।
शाह ने कहा कि आज अन्नपूर्ति मशीन का भी लोकार्पण हुआ है, जो 35 सेकंड में 25 किलो अनाज का वितरण करती है। 3-4 साल में ही पूरे देश में यह प्रणाली लागू हो जाएगी। इसके लागू होने के बाद देश के हर गरीब को 5 किलो मुफ्त अनाज मिल सकेगा। बेहतर गुणवत्ता, सटीक मात्रा और पारदर्शी वितरण में अन्नपूर्ति मशीन सहायक सिद्ध होगी। धीरे-धीरे कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक हमारे विशाल देश में इस प्रणाली को लागू करना चाहिए।
शाह ने कहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी और उनकी सरकार हमेशा झूठ बोलकर जनता को गुमराह करते हैं। पिछली सरकार (यूपीए) में कृषि बजट मात्र 26 हजार करोड़ रूपए था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाकर 1 लाख 29 हज़ार करोड़ रूपए कर दिया है। पिछली सरकार ने 70 साल में सिर्फ एक बार कर्ज़ माफी से किसानों को गुमराह किया जबकि प्रधानमंत्री मोदी 10 साल से हर किसान के बैंक खाते में 6 हज़ार हर साल भेज रहे हैं। ऐसी व्यवस्था की कि किसान को कर्ज लेना ही न पड़े।
शाह ने कहा कि यूरोपीय संघ और इंग्लैंड के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और अमरीका के साथ हुई ट्रेड डील पर विपक्ष देश को गुमराह कर रहा है। यूरोपीय संघ, इंग्लैंड के साथ हुए एफटीए, अमरीका साथ हुई ट्रेड डील में देश के किसानों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। भारत के डेयरी क्षेत्र को भी सुरक्षित रखा गया है। इन समझौतों से हमारे कृषि और मछुआरों के उत्पाद पूरी दुनिया में पहुंचने का रास्ता खुला है। पिछली सरकार (यूपीए) ने डंकल प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर किसानों को असुरक्षित किया था।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि राज्य में अब अनाज प्राप्त करने के लिए अब ‘ग्रेन एटीएम’ 24 घंटे कार्यरत रहेंगे। श्रमिक और मजदूर वर्ग कार्य समय के घंटों के बाद भी किसी भी समय उन्हें मिलने योग्य गेहूं, चावल और दाल प्राप्त कर सकेंगे।
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि देश भर में राशन कार्ड का डिजिटलीकरण होने से ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ की संकल्पना साकार हुई है। इस टेक्नोलॉजी के लागू होने से लगभग दो से तीन करोड़ फर्जी राशन कार्ड रद्द हो चुके हैं। सीबीडीसी आधारित व्यवस्था शुरू होने से वास्तविक लाभार्थी को ही उसका लाभ मिलेगा। गुजरात से शुरुआत होने से देश के बाकी राज्यों में भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
Published on:
15 Feb 2026 10:30 pm
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