
नल निकला दूषित पानी।
अहमदाबाद स्मार्ट सिटी अहमदाबाद में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के सोला रोड स्थित आकांक्षा सोसाइटी में कथित रूप से दूषित पेयजल की आपूर्ति के बाद बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त और पेट संबंधी बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 500 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। इस दौरान लगभग 40 लोगों की हालत बिगड़ने पर उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस घटना के चलते महापौर हितेश बारोट ने भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से बातचीत की। साथ ही स्थिति सुधरने तक टैंकरों से जलापूर्ति करने के लिए कहा।प्रभावित लोगों में अधिकांश ने पेट दर्द, उल्टी, दस्त और कमजोरी की शिकायत की है। स्थानीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि पेयजल लाइन और ड्रेनेज लाइन में रिसाव या क्षति के कारण सीवरेज का दूषित पानी पेयजल आपूर्ति में मिल गया, जिससे जलजनित बीमारियां फैलीं।
घटना की जानकारी मिलते ही अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) के स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर पानी के नमूने एकत्र किए हैं तथा पेयजल और ड्रेनेज लाइनों की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी क्षेत्र में तैनात किया गया है, जो प्रभावित लोगों की निगरानी और आवश्यक उपचार की व्यवस्था कर रही हैं।स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से नलों में मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा था। इस संबंध में कई बार शिकायत भी की गई थी, लेकिन समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई होती तो इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार नहीं पड़ते।
इधर, पुराने शहर के कालूपुर इलाके में स्थित धना सुथार की पोल क्षेत्र से भी दूषित पानी की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से घरों में गंदा और बदबूयुक्त पानी पहुंच रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। नागरिकों ने महानगरपालिका से तत्काल समाधान की मांग की है।मनपा अधिकारियों का कहना है कि पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं और लोगों को उबालकर पानी पीने की सलाह दी गई है।
अहमदाबाद में जलजनित बीमारियों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अहमदाबाद महानगरपालिका के आंकड़ों के अनुसार एक मई से 31 मई के बीच शहर में जलजनित रोगों के करीब 900 मामले सामने आए। इनमें उल्टी-दस्त के 718 मरीज, टाइफाइड के 145 मरीज और पीलिया के 50 मरीज शामिल हैं। वहीं मच्छरजनित रोगों के 54 मामलों में डेंगू के 29 और मलेरिया के 25 मरीज दर्ज किए गए।
महानगरपालिका के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भाविन सोलंकी के अनुसार, मई महीने में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए 7,471 पानी के नमूनों में से 54 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा क्लोरीन की जांच के लिए किए गए 53 हजार से अधिक परीक्षणों में 21 स्थानों पर निर्धारित मात्रा में क्लोरीन नहीं पाई गई।डॉ. सोलंकी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है। जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित निगरानी, पानी की जांच और स्वच्छता अभियान जारी हैं। साथ ही खाद्य पदार्थों की दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर भी समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है।
Published on:
03 Jun 2026 11:01 pm
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