
राजकोट का पाटीदड गांव बना राज्य का पहला
राजकोट. जिले की गोंडल तहसील का पाटीदड गांव राज्य का पहला दीकरी गाम (पुत्री गांव) घोषित किया गया है। जिला कलक्टर की ओर से यह घोषणा की गई। यह ऐसा पहला गांव है, जिसके घर के बाहर द्वार पर परिवार के मुखिया पुरुष का नाम न होकर घर की बच्ची के नाम की प्लेट लगी है। ऐसा एक घर नहीं है, गांव के सभी घरों के बाहर पुत्रियों के नाम की नेम प्लेट देखने को मिलेगी।
गांव को यह दर्जा देेने से जुड़ी पट्टिका का अनावरण भी राजकोट के जिला कलक्टर प्रभव जोशी, राजकोट जिला विकास अधिकारी देव चौधरी ने किया।इस गांव में समरस बालिका पंचायत भी घोषित हुई है। जिसकी सरपंच जल्पा अघेरा को बनाया गया है। जल्पा ने गांव में बच्चियों की शिक्षा, कुपोषण, स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक करने का संकल्प व्यक्त किया है। कलक्टर व डीडीओ ने बालिका पंचायत सदस्यों से भी बातचीत की और बालिका विभिन्न जरूरतों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया। गांव में 10 सदस्यों वाली समरस बालिका पंचायत का गठन किया गया है। जिसमें श्रेया खाचर को उपसरपंच, सुहानी चौहाण, यश्वी लीला, गोपी चौहाण, इशिता मकवाणा, दर्शिता मकवाणा, ध्रुवी परमार, बृंदा खाचर, कृपाणी मकवाणा को सदस्य चुना गया है।
बालिका पंचायत की सरपंच जल्पा अघेरा ने अपनी टीम के साथ कहा कि बालिका पंचायत बालिकाओं के सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर काम करेगी। उन्होंने गांव में महिलाओं को शिक्षित करने के लिए अभिभावकों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने बेटियों-महिलाओं के स्वास्थ्य-पोषण, स्वच्छता और अन्य समस्याओं को ग्राम पंचायत और प्रशासन के साथ मिलकर सुलझाने के लिए तत्पर रहने का भी आश्वासन दिया। राजकोट जिला महिला एवं बाल अधिकारी अवनी दवे का कहना है कि पाटीदड राज्य का पहला ऐसा गांव है जहां गांव के सभी घरों के बाहर शत-प्रतिशत दीकरी की नेमप्लेट लगी है।
Published on:
05 Nov 2023 11:07 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
