
आणंद. जिला पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) की टीम ने आणंद तहसील के चिखोदरा में बैंक के लॉकर से 60 तोला सोना और 10.50 लाख रुपए नकद चुराने के आरोपी चपरासी को गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने पर सात दिन का रिमांड मंजूर किया गया है।
जानकारी के अनुसार जिले वधासी गांव निवासी सेवानिवृत्त बुजुर्ग सुभाष पटेल ने जेवर और अन्य कीमती सामान को सुरक्षित रखने के लिए 2020 में चिखोदरा गांव में एक बैंक की शाखा में अपने और पत्नी सुनीता के संयुक्त नाम से एक लॉकर लिया था। बैंक ने उन्हें लॉकर आवंटित कर चाबी दे दी।
इसके बाद दंपती कभी-कभी लॉकर में सोने के जेवर और नकदी रखता था। वे जरूरत पड़ने पर लॉकर से आभूषण निकालते थे और जरूरत पूरी होने पर वापस लॉकर में रखते थे। 7 जुलाई 2024 को सुभाष और छोटा पुत्र जिग्नेश लॉकर में सोने के जेवर रखने गए।
उस समय बैंक कर्मचारी ने रजिस्टर में तारीख और समय लिखकर बुजुर्ग से हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद बैंक का चपरासी विपुल कुमार केसरिया लॉकर की मास्टर चाबी लाया। बुजुर्ग ने लॉकर खोला और उसमें सोने का एक सिक्का और एक घड़ी रख दी। इसके बाद वे लॉकर बंद कर घर चले गए।
18 सितंबर 2024 को बुजुर्ग और बड़े पुत्र नेहुल बैंक गए और अपनी चाबी और बैंक की मास्टर चाबी से लॉकर खोला। उस समय लॉकर में केवल एक घड़ी, एक सोने की बाली, चांदी के सिक्के और एक चांदी का झूमर था। शेष 60 तोले सोने के जेवर और 10.50 लाख रुपए गायब थे।
बुजुर्ग ने बैंक मैनेजर पवन कुमार पांडे, वर्षा और चपरासी को शिकायत की लेकिन, संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बैंक चपरासी पर संदेह हुआ कि उसने बुजुर्ग के लॉकर की चाबी की डूप्लिकेट चाबियां बनवा ली और उन चाबियों का उपयोग कर बुजुर्ग के लॉकर को खोलकर उसमें से सोने के जेवर और नकदी चुरा ली।
इस संबंध में आणंद ग्रामीण पुलिस ने बैंक के चपरासी विपुल कुमार केसरिया के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस अधीक्षक जी.जी. जसानी ने एलसीबी को जांच सौंपी। मानवीय व तकनीकी खुफिया जानकारी की मदद से कारवाई के निर्देश दिए गए।
एलसीबी के पुलिस निरीक्षक एच आर ब्रह्मभट्ट, जी एम पावरा ने जांच की। इस बीच, संदिग्ध आरोपी चपरासी ने सत्र न्यायालय, गुजरात उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की। याचिका खारिज किए जाने पर सर्वोच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की गई। वहां से भी याचिका खारिज कर दी गई।
साथ ही संदिग्ध आरोपी को दो सप्ताह के भीतर पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। इसके बाद उसने एलसीबी शाखा में आत्मसमर्पण कर दिया। इसलिए एलसीबी पुलिस ने बैंक के चपरासी विपुलकुमार केसरिया को गिरफ्तार कर रिमांड के लिए कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने 7 दिन का रिमांड मंजूर किया।
Published on:
22 Mar 2025 10:35 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
