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Gujarat Hindi News : पीएमजेएवाई योजना से 58252 लोगों को मिला उपचार इलाज के लिए चुकाए गए 130 करोड़ रुपए

योजना के जरिए लोगों को स्वास्थ्य की सुरक्षा दी गई

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Gujarat Hindi News : पीएमजेएवाई योजना से 58252 लोगों को मिला उपचार इलाज के लिए चुकाए गए 130 करोड़ रुपए

Gujarat Hindi News : पीएमजेएवाई योजना से 58252 लोगों को मिला उपचार इलाज के लिए चुकाए गए 130 करोड़ रुपए

वडोदरा. केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के जरिए गत दो वर्षों के दौरान जिले के ग्रामीण क्षेत्र के 58252 लोगों का गंभीर बीमारी से इलाज किया गया। इस योजना के जरिए लोगों को स्वास्थ्य की सुरक्षा दी गई है।


योजना के कार्ड धारकों की गंभीर बीमारियों को लेकर मान्य अस्पतालों में इलाज पर 130 करोड़ रुपए खर्च किए गए। बीमार अब नहीं रहे लाचार, बीमारी का होगा उपचार...जैसे श्लोगन से वडोदरा जिला स्वास्थ्य विभाग वडोदरा शहर और जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की गंभीर बीमारी का इलाज कराने को लेकर सक्रिय है।


इस संबंध में अतिरिक्त जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ उदाय टीलावत ने बताया कि योजना की पात्रता के लिए वार्षिक आवक सीमा तय की गई है। वडोदरा शहर और जिले में 4 लाख 7 हजार 295 लाभार्थी हैं, जिनका मा कार्ड बनाया गया है। इतना ही नहीं गुजरात इस योजना में इलाज के लिए खर्च और दवा मुहैया कराने के मामले में देश भर में अव्वल है।
राज्य में इस योजना अंतर्गत 1.55 करोड़ कार्ड धारक हैं। इस संख्या के आधार पर गुजरात देश भर में कार्डधारकों की संख्या के अनुसार चौथे स्थान पर है। इस योजना में अब इलाज के लिए बालकों की बीमारियों को भी शामिल किया गया है। डॉ उदय ने बताया कि जिसे बार-बार डायालिसिस कराना पड़ता है, इन कीडनी मरीजों, कैंसर, हृदय रोग से संबंधित इलाज और सर्जरी की जरूरत होने पर योजना संजीवनी बन कर काम करती है। हजारों लोगों की जान बचाने में मदद मिली है।

123 अस्पतालों में मिलता है लाभ
वर्ष 2020-21 के दौरान 23 हजार 784 कार्डधारकों को इलाज के लिए 55 करोड़ रुपए विभिन्न मान्य अस्पतालों को चुकाए गए। वहंी वर्ष 2021-22 के दौरान 34 हजार 468 मरीजों के इलाज के खर्च के तौर पर 75 करोड़ रुपए चुकाए गए। वडोदरा में इस योजना के तहत इलाज के लिए 123 अस्पताल कार्यरत हैं। इसमें 93 सरकारी और 30 निजी अस्पतालों का समावेश है। योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंदों को गंभीर बीमारी के समय आर्थिक वजह से इलाज से वंचित नहीं रहना पड़े।